उत्तराखंड

सड़क हादसे में अब इलाज के लिए पैसों की चिंता नहीं, टिहरी में PM-RAHAT योजना को लेकर विशेष प्रशिक्षण

गोल्डन आवर में घायल को उपचार दिलाना पहली प्राथमिकता, चिकित्सा अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ को iRAD, e-DAR व TMS की दी जानकारी

नई टिहरी। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और हादसों में होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में टिहरी गढ़वाल में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल के निर्देशन में जिले में PM-RAHAT योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश ने प्रशिक्षण में चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए गोल्डन आवर बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान त्वरित उपचार मिलने से घायल की जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी घायल को उपचार से वंचित नहीं होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि PM-RAHAT योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को निर्धारित सीमा तक सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद समय पर इलाज सुनिश्चित कर मृत्यु दर को कम करना है।

iRAD, e-DAR और TMS की दी गई जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमलेश कुमार ने जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए चिकित्सा अधिकारियों को iRAD (Integrated Road Accident Database), e-DAR (Detailed Accident Report), TMS (Treatment Management System) और 112 सहित PM-RAHAT योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजना के प्रभावी और सुचारू संचालन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

समय पर उपचार और बेहतर समन्वय पर जोर

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को बिना आर्थिक बाधा के समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना, दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों का बेहतर प्रबंधन और उपचार प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना रहा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डिस्ट्रिक्ट रोलआउट मैनेजर रविंद्र सिंह चौहान ने किया। इसमें जनपद के सभी चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग अधिकारियों और डेटा एंट्री ऑपरेटरों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

प्रशिक्षण के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों को PM-RAHAT योजना की कार्यप्रणाली और संबंधित डिजिटल पोर्टलों के प्रभावी उपयोग के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।

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