ऑनलाइन बाल शोषण पर टिहरी पुलिस का बड़ा डिजिटल प्रहार, NCMEC इनपुट पर 7 मुकदमे दर्ज
एसएसपी श्वेता चौबे के निर्देशन में साइबर सेल की सख्त कार्रवाई, बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू, अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील

नई टिहरी। ऑनलाइन बाल शोषण और बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों के खिलाफ टिहरी पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा डिजिटल अभियान शुरू किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में साइबर सेल ने वर्ष 2026 के दौरान National Center for Missing & Exploited Children (NCMEC) से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए जनपद के विभिन्न थानों में 07 एफआईआर दर्ज कर प्रभावी विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, प्रत्येक संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तकनीकी जांच कर आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। बच्चों से जुड़े ऑनलाइन यौन शोषण, साइबर ग्रूमिंग और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसारण जैसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल लगातार निगरानी कर रही है।
एसएसपी श्वेता चौबे ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के विरुद्ध ऑनलाइन अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। टिहरी पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि रोकथाम पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। साइबर सेल द्वारा स्कूलों, अभिभावकों और बच्चों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन गेमिंग, साइबर ग्रूमिंग और डिजिटल सुरक्षा के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है, ताकि बच्चे साइबर अपराधों का शिकार न बनें।
टिहरी पुलिस की अपील
बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नियमित नजर रखें।
संदिग्ध लिंक, ऐप या अनजान लोगों से बच्चों को दूर रखें।
किसी भी साइबर अपराध या आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री की जानकारी मिलने पर तुरंत 1930, नजदीकी थाना या साइबर सेल से संपर्क करें।



