₹54 लाख के बैंक घोटाले का मास्टरमाइंड कैशियर गिरफ्तार, एसएसपी श्वेता चौबे की सख्ती से टिहरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की कमांद शाखा में फर्जी हस्ताक्षर और निकासी वाउचरों से किया था गबन, देहरादून से दबोचा गया आरोपी; रिश्तेदारों के खातों में भी ट्रांसफर हुई रकम की जांच जारी

टिहरी गढ़वाल। आर्थिक अपराधों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही टिहरी पुलिस ने ₹54 लाख के बैंक गबन मामले का बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी बैंक कैशियर को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने ठोस साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि जनता की मेहनत की कमाई में सेंध लगाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मामला उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की कमांद शाखा का है। बैंक की आंतरिक जांच और ऑडिट में सामने आया कि तत्कालीन कैशियर अभिलाष शर्मा ने फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी निकासी वाउचरों का इस्तेमाल कर खाताधारकों के खातों से करीब ₹54 लाख की रकम निकाल ली। इसके बाद शाखा प्रबंधक की शिकायत पर थाना छाम में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने गहन जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान बैंक रिकॉर्ड, खातों के स्टेटमेंट, निकासी वाउचर, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच की गई। जांच में यह भी सामने आया कि गबन की गई रकम का एक हिस्सा आरोपी ने अपने खाते और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस टीम ने 2 जुलाई को देहरादून में दबिश देकर आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस अब पूरे फंड फ्लो, अन्य खातों में भेजी गई रकम और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
एसएसपी श्वेता चौबे ने कहा कि “जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। आर्थिक अपराध केवल धन की चोरी नहीं, बल्कि समाज के विश्वास पर भी आघात हैं। ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।”



