थत्यूड़ की रामलीला में गूंजे श्रीराम के जयकारे, अयोध्या में चारों भाइयों का जन्म और मिथिला में प्रकट हुईं मां सीता
पुत्रेष्टि यज्ञ से श्रीराम सहित चारों भाइयों के जन्म का हुआ मंचन, स्वर्ण हल चलाने के दौरान धरती से हुआ माता जानकी का प्राकट्य; भावविभोर हुए दर्शक

रिपोर्ट: सुनील सजवाण
थत्यूड़ (टिहरी गढ़वाल)। थत्यूड़ में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक समिति के सौजन्य से आयोजित पौराणिक रामलीला के दूसरे दिन भगवान श्रीराम सहित चारों भाइयों के जन्म और मिथिला में माता सीता के प्राकट्य की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से रामायण के इन महत्वपूर्ण प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया। धार्मिक प्रसंगों के मंचन से रामलीला स्थल भक्तिमय हो उठा और दर्शक भावविभोर नजर आए।
पुत्रेष्टि यज्ञ के बाद अयोध्या में गूंजा किलकारियों का उल्लास
रामलीला के पहले प्रसंग में अयोध्या के महाराजा दशरथ को संतान न होने के कारण चिंतित दिखाया गया। इसके बाद कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ के मार्गदर्शन में श्रृंगी ऋषि के माध्यम से पुत्रेष्टि यज्ञ संपन्न कराया जाता है। यज्ञ से प्राप्त प्रसाद महाराजा दशरथ अपनी तीनों रानियों कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा को देते हैं। इसके बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म होता है।
चारों राजकुमारों के जन्म के प्रसंग ने रामलीला स्थल पर श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बना दिया। कलाकारों की प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा।
स्वर्ण हल चलाते ही धरती से प्रकट हुईं मां जानकी
दूसरे प्रसंग में मिथिला नगरी में लंबे समय से वर्षा नहीं होने के कारण पड़े अकाल और उससे परेशान किसानों की व्यथा को मंचित किया गया। कथा के अनुसार, आकाशवाणी के माध्यम से महाराजा जनक को स्वर्ण हल चलाने का संदेश मिलता है। इसके बाद महाराजा जनक और महारानी सुनैना स्वर्ण हल चलाते हैं। इसी दौरान धरती की गोद से माता जानकी यानी सीता का प्राकट्य होता है।
माता सीता के प्राकट्य और वर्षा होने से किसानों में खुशी छा जाने के प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कलाकारों ने धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथानक को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया।
कलाकारों ने निभाईं महत्वपूर्ण भूमिकाएं
रामलीला के दूसरे दिन महाराजा दशरथ की भूमिका रामप्रकाश भट्ट, महर्षि वशिष्ठ की भूमिका मनोज भट्ट और श्रृंगी ऋषि की भूमिका प्रवीण पंवार ने निभाई। महाराजा जनक के किरदार में दीपेंद्र रावत और सुमंत की भूमिका में दीपक सकलानी नजर आए। किसानों की भूमिका में मुनिम प्रधान और दीपक सजवाण ने अभिनय किया। संगीत पक्ष की जिम्मेदारी संदीप पंवार ने संभाली।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में ग्राम पापरा के पूर्व प्रधान विजय थपलियाल, सहायक खंड विकास अधिकारी डीपी चमोली, केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक विकास रावत, राजस्व उपनिरीक्षक अरविंद कुमार, सहायक अभियंता सुमित राणा और क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी चतर लाल शाह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
रामलीला समिति की ओर से अध्यक्ष गजेंद्र असवाल, उपाध्यक्ष रामप्रकाश भट्ट, सचिव सुनील सजवाण, कोषाध्यक्ष मुनिम प्रधान और सदस्य एवं साज-सज्जा प्रमुख हरिलाल सहित दीपक सकलानी, प्रवीण पंवार और हरीश नौटियाल ने व्यवस्थाओं में सहयोग दिया।
कार्यक्रम का संचालन मंच संचालक सुनील सजवाण ने किया।



