लखवाड़ बांध परियोजना: भूमि अधिग्रहण को लेकर 29 आपत्तियों पर जनसुनवाई, 17 गांवों के ग्रामीणों ने उठाए मुद्दे
बेल गांव में अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी की मौजूदगी में हुई सुनवाई; मकान, गौशाला, घराट और पेड़ों से जुड़े मामलों पर हुई चर्चा, अगली कार्रवाई धारा 23 के तहत होगी।

टिहरी गढ़वाल, 17 अक्टूबर। लखवाड़ बांध बहुउद्देशीय परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर शनिवार को तहसील नैनबाग के ग्राम बेल में जनसुनवाई आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी की उपस्थिति में धारा 19 की अधिसूचना के सापेक्ष प्राप्त 29 आपत्तियों पर भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 21 के तहत सुनवाई की गई। इस दौरान परियोजना से प्रभावित टिहरी जनपद के 17 गांवों से संबंधित मामलों में ग्रामीणों की समस्याएं और आपत्तियां सुनी गईं।
संयुक्त सर्वेक्षण में छूटे मकान और गौशालाओं का मामला उठा
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने संयुक्त माप एवं सर्वेक्षण में कुछ मकानों, छानियों, गौशालाओं और घराटों के छूट जाने से संबंधित मामले उठाए। इसके अलावा फलदार एवं इमारती लकड़ी के पेड़ों से जुड़े प्रकरण भी सामने आए। ग्रामीणों की ओर से प्रस्तुत आपत्तियों को सुनते हुए संबंधित मामलों के नियमानुसार निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
भूमि विवाद पहले न्यायालय में सुलझाने के निर्देश
भूमि के आपसी विवादों से संबंधित मामलों में अपर जिलाधिकारी ने संबंधित पक्षों को पहले न्यायालय के माध्यम से विवाद का निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाद सुलझने के बाद ही संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जनसुनवाई में प्राप्त आपत्तियों और ग्रामीणों की ओर से प्रस्तुत मामलों का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के बाद परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की अगली कार्रवाई धारा 23 के अंतर्गत की जाएगी।
ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
जनसुनवाई में उपजिलाधिकारी अंशुल भट्ट, जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत, लखवाड़ बांध संघर्ष समिति के अध्यक्ष महिपाल सिंह सजवाण, ग्राम प्रधान बेल परोगी सुंदर सिंह चौहान, लखवाड़ बांध परियोजना के डीजीएम शिवदास, तहसीलदार प्राची बहुगुणा सहित संबंधित विभागों के कर्मचारी और प्रभावित ग्रामीण उपस्थित रहे।



