पांच दशक से सड़क चौड़ीकरण का इंतजार, अगलाड़–थत्यूड़–अलमस मार्ग पर आखिर कब जागेगा शासन-प्रशासन?
50 किलोमीटर के जिला मार्ग पर जाम और दुर्घटनाओं का खतरा, चारधाम यात्रियों की परेशानी भी बढ़ी; 2027-28 की कार्ययोजना में भेजे प्रस्ताव के बाद अब शासन के फैसले पर टिकी निगाहें

रिपोर्ट–मुकेश रावत
थत्यूड़ (टिहरी गढ़वाल)। पहाड़ में सड़क ही विकास की जीवनरेखा है, लेकिन जब यही सड़क लोगों की परेशानी का कारण बन जाए और दशकों तक उसकी सुध न ली जाए, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। विकासखंड मुख्यालय थत्यूड़ को जोड़ने वाले अगलाड़–थत्यूड़–अलमस जिला मोटर मार्ग की हालत और चौड़ीकरण का इंतजार कुछ ऐसी ही तस्वीर बयां करता है। करीब 50 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण वर्ष 1970-72 के आसपास हुआ था, लेकिन पांच दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी इसके चौड़ीकरण की मांग पूरी नहीं हो पाई है।
सवाल यह है कि जब इस मार्ग पर स्थानीय लोगों के साथ ही यमुनोत्री और गंगोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहन भी गुजरते हैं, तो यातायात के बढ़ते दबाव के अनुरूप सड़क को चौड़ा करने की ठोस पहल अब तक क्यों नहीं हो सकी? संकरी सड़क के कारण कई बार जाम की स्थिति बनती है। वाहनों को आमने-सामने से गुजरने में परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में यह मामला केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और चारधाम यात्रा की यातायात व्यवस्था से भी जुड़ा है।
दशकों से मांग, लेकिन धरातल पर काम कब?
क्षेत्रीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधि लंबे समय से इस मार्ग के विस्तारीकरण की मांग उठाते आ रहे हैं। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। विकासखंड मुख्यालय से जुड़े गांवों के लोगों के लिए यह प्रमुख संपर्क मार्ग है। रोजमर्रा के आवागमन से लेकर आवश्यक सेवाओं तक, इस सड़क की भूमिका महत्वपूर्ण है। चारधाम यात्रा के दौरान वाहनों का दबाव बढ़ने पर स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
जिला पंचायत सदस्य सविता देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य निधि बडियारी, अनीश कुमार, वासुदेव लेखवार, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील थपलियाल और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रामप्रकाश चमोली, कांग्रेश जिला महासचिव दिनेश रावत ने शासन-प्रशासन तथा लोक निर्माण विभाग से सड़क के शीघ्र चौड़ीकरण की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों की मांग के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शासन इस प्रस्ताव को प्राथमिकता देगा, या फिर क्षेत्रवासियों को एक बार फिर आश्वासन के सहारे इंतजार करना पड़ेगा?
2027-28 की कार्ययोजना में भेजा प्रस्ताव, शासन के आदेश का इंतजार
सड़क चौड़ीकरण के मामले में लोक निर्माण विभाग थत्यूड़ के अधिशासी अभियंता आदर्श गोपाल का कहना है कि शासन की ओर से पांच वर्षीय कार्ययोजना मांगी गई थी। इसके तहत संबंधित मोटर मार्ग का प्रस्ताव वर्ष 2027-28 के लिए भेजा गया है। हालांकि, अभी तक शासन से विस्तारीकरण के संबंध में कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय विधायक की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव आने पर उसे शीघ्र शासन को भेजा जाएगा।
अब सवाल सीधे शासन से
जब सड़क पांच दशक से अधिक पुरानी है, यातायात का दबाव लगातार बना हुआ है और क्षेत्रीय लोग लंबे समय से चौड़ीकरण की मांग कर रहे हैं, तो इस समस्या के समाधान के लिए ठोस निर्णय कब लिया जाएगा? क्या शासन सड़क के विस्तारीकरण को प्राथमिकता देते हुए बजट और स्वीकृति की दिशा में कदम उठाएगा? क्या लोक निर्माण विभाग इस मामले में समयबद्ध कार्रवाई करेगा?
अगलाड़–थत्यूड़–अलमस मार्ग का चौड़ीकरण अब केवल जनप्रतिनिधियों की मांग नहीं, बल्कि क्षेत्र की जरूरत बन चुका है। शासन-प्रशासन को इस मामले में गंभीरता से संज्ञान लेकर प्रस्ताव की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और सड़क चौड़ीकरण की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए, ताकि लोगों को जाम और दुर्घटनाओं के खतरे से राहत मिल सके।



