एमडीडीए की नई पहचान को मिली रचनात्मक उड़ान, विजेताओं को किया सम्मानित
मैस्कॉट प्रतियोगिता में स्नेहा भंडारी प्रथम, अनुराग रमोला द्वितीय और अंकिता बिष्ट तृतीय; स्लोगन में अंकित सिंह रावत ने मारी बाजी

देहरादून, 30 सितंबर। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की पहचान को जनभागीदारी और रचनात्मकता से जोड़ने की पहल के तहत आयोजित मैस्कॉट डिजाइन एवं स्लोगन प्रतियोगिता-2026 के विजेताओं को बुधवार को सम्मानित किया गया। एमडीडीए कार्यालय में आयोजित समारोह में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए।
प्रतियोगिता में मैस्कॉट डिजाइन के लिए स्नेहा भंडारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्हें 50 हजार रुपये और प्रशस्ति-पत्र दिया गया। अनुराग रमोला को द्वितीय पुरस्कार के रूप में 30 हजार रुपये तथा अंकिता बिष्ट को तृतीय पुरस्कार के रूप में 15 हजार रुपये प्रदान किए गए। वहीं स्लोगन प्रतियोगिता में अंकित सिंह रावत प्रथम रहे। उन्हें 10 हजार रुपये और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जनता की रचनात्मकता से पहचान बनाने की पहल
एमडीडीए की ओर से तीन से 16 अगस्त तक आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल मैस्कॉट और स्लोगन का चयन करना नहीं था, बल्कि प्राधिकरण की सोच, विजन और भविष्य की दिशा को रचनात्मक रूप देना भी था। पहली बार आम लोगों, युवाओं और रचनात्मक प्रतिभाओं को एमडीडीए की पहचान गढ़ने में अपनी कल्पना और विचार साझा करने का अवसर मिला।
प्रतियोगिता में प्राप्त प्रविष्टियों में प्रतिभागियों की रचनात्मक सोच और एमडीडीए से जुड़ाव देखने को मिला। चयनित श्रेष्ठ प्रविष्टियों के रचनाकारों को सम्मानित कर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया गया।
विकास के साथ जनभागीदारी और नवाचार पर जोर
कार्यक्रम में एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि प्रतियोगिता में सामने आई रचनात्मकता इस बात को दर्शाती है कि लोगों के मन में प्राधिकरण को लेकर अपनी कल्पना और विचार हैं। उन्होंने कहा कि एमडीडीए विकास कार्यों के साथ जनभागीदारी और नवाचार को भी आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।
उन्होंने प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी और प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागी मौजूद रहे।
मैस्कॉट और स्लोगन जैसे रचनात्मक माध्यम किसी संस्था के विजन, मूल्यों और जनसरोकारों को सरल एवं प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विजेताओं के सम्मान के साथ एमडीडीए की यह पहल जनभागीदारी के माध्यम से संस्था की नई पहचान को आकार देने की दिशा में एक कदम के रूप में सामने आई।



