डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ₹4.35 लाख ठगने वाला साइबर अपराधी महाराष्ट्र से गिरफ्तार
एसएसपी श्वेता चौबे के नेतृत्व में टिहरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, USDT (क्रिप्टोकरेंसी) के जरिए ठगी की रकम करता था ट्रांसफर, पूरे साइबर नेटवर्क की जांच जारी।

नई टिहरी। टिहरी पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक शातिर सदस्य को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ढालवाला निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया तथा ₹4.35 लाख की ठगी कर ली थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में साइबर सेल और थाना मुनिकीरेती की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस के आधार पर महाराष्ट्र के सतारा जिले से अंकुश राजेन्द्र गाडगे को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह साइबर ठगी की रकम को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलकर अलग-अलग वॉलेट और खातों में ट्रांसफर करता था और इसके बदले कमीशन लेता था।
पुलिस के अनुसार, जनवरी 2026 में पीड़ित को व्हाट्सएप वीडियो कॉल कर खुद को पुलिस अधिकारी बताया गया। वीडियो कॉल के दौरान पुलिस थाना और वर्दीधारी अधिकारियों जैसे दृश्य दिखाकर भरोसा दिलाया गया और फिर “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाकर ₹4.35 लाख बैंक खाते में जमा करा लिए गए।
मामले में थाना मुनिकीरेती में मुकदमा दर्ज कर विवेचना साइबर सेल को सौंपी गई थी। पुलिस अब पूरे साइबर नेटवर्क और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
टिहरी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर पैसे मांगता है या “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी देता है तो घबराएं नहीं, तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।



