टिहरी में स्वरोजगार की नई उड़ान, महिलाओं को मिलेगा रोजगार का बड़ा अवसर
कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने डेयरी, कीवी, बुरांश और प्लम आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के दिए निर्देश

टिहरी। जनपद टिहरी गढ़वाल में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित समीक्षा बैठक में उत्तराखंड सरकार के ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री भरत सिंह चौधरी ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़कर महिलाओं और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में मंत्री ने कहा कि स्कूल ड्रेस और अन्य संस्थानों की यूनिफॉर्म के बड़े स्तर पर उत्पादन की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशिक्षित महिलाओं को सिलाई और फिनिशिंग कार्य से जोड़ा जाए, जबकि कटिंग कार्य कुशल कारीगरों से कराया जाए।
मंत्री ने टिहरी में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने, मालू के पत्तों से बने पारंपरिक उत्पादों को पर्यटन और यात्रा मार्गों से जोड़ने तथा प्लम ऑयल उत्पादन इकाइयों का विस्तार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टिहरी का लिंगड़ा पूरी तरह ऑर्गेनिक है, जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
बैठक में बुरांश के रस की गुणवत्ता सुधारने, बिना चीनी और पानी के प्राकृतिक उत्पाद तैयार करने तथा आकर्षक पैकेजिंग के माध्यम से वैल्यू एडिशन करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि बेकरी उद्योग और पशुपालन के क्षेत्र में भी उत्तराखंड में अपार संभावनाएं हैं और युवाओं को इन क्षेत्रों में आगे आने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने मंत्री का स्वागत करते हुए जनपद में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। वहीं मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने बताया कि एनआरएलएम के अंतर्गत 23 हजार से अधिक ‘लखपति दीदी’ तैयार की जा चुकी हैं और हजारों महिलाएं कृषि एवं गैर कृषि आधारित उद्यमों से जुड़ी हैं।
बैठक में बताया गया कि विभिन्न विकासखंडों में मसाला उत्पादन, ड्रैगन फ्रूट, मशरूम, प्लम मिशन, बेकरी, डेयरी और पोल्ट्री जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस अवसर पर किशोर उपाध्याय, शक्तिलाल शाह, खेम सिंह चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।



