देहरादून में MDDA का बड़ा एक्शन, 7 जगहों पर चला बुलडोजर और सीलिंग अभियान!
शिमला बाईपास में 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, पौंधा में 30 से 40 बीघा जमीन सील; मसूरी और विधौली में अवैध निर्माण, कैफे व दुकानों पर भी कार्रवाई

देहरादून, 24 अक्टूबर 2026। राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत निर्माण और बिना जरूरी स्वीकृति संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने मसूरी, पौंधा, विधौली और शिमला बाईपास क्षेत्र में अभियान चलाकर सात स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान शिमला बाईपास क्षेत्र में करीब 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि पौंधा में 30 से 40 बीघा भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग के मामले में सीलिंग की कार्रवाई की गई। इसके अलावा मसूरी में अवैध निर्माण और विधौली में बिना आवश्यक स्वीकृति संचालित कैफे व दुकानों को भी सील किया गया।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों में हड़कंप मचा रहा। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
शिमला बाईपास में 20 बीघा प्लॉटिंग ध्वस्त, पौंधा में बड़े भूखंड पर कार्रवाई
एमडीडीए के अनुसार, मेदनीपुर, शिमला बाईपास रोड, ढकरानी, हरबर्टपुर क्षेत्र में भू-स्वामी गौरव रावत द्वारा करीब 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने बिना आवश्यक स्वीकृति विकसित की जा रही प्लॉटिंग पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया।
वहीं, पौंधा रोड पर राजेंद्र अग्रवाल द्वारा करीब 30 से 40 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के मामले में सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि किसी भी भूखंड में निवेश करने या जमीन खरीदने से पहले उसके स्वीकृत लेआउट, मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानियों से बचा जा सके।
मसूरी में अवैध निर्माण सील, नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई
पर्वतीय पर्यटन नगरी मसूरी में भी एमडीडीए ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की। विन्सेन्ट हिल, क्रेग टॉप एस्टेट, वैवरली, हाथीपांव रोड क्षेत्र में अरुण सहगल तथा निर्माणकर्ता राहुल रोहानी से संबंधित अवैध निर्माण के मामले में सीलिंग की कार्रवाई की गई।
प्राधिकरण के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के दौरान स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है। बिना जरूरी अनुमति के निर्माण किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विधौली में कैफे और दुकानों पर गिरी गाज
विधौली स्थित यूपीईएस कॉलेज के निकट एमडीडीए की टीम ने पांच स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की। इनमें अक्षय पंवार द्वारा संचालित कैफे, रवि शंकर का कैफे एवं दुकान, गायत्री शर्मा की बिना स्वीकृत मानचित्र वाली दुकान तथा माही कैफे के नाम से संचालित प्रतिष्ठान शामिल हैं।
प्राधिकरण ने संबंधित प्रतिष्ठानों को सील करते हुए स्पष्ट किया कि व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने के लिए निर्धारित नियमों और आवश्यक स्वीकृतियों का पालन करना जरूरी है। बिना जरूरी अनुमति के संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान
एमडीडीए की इस कार्रवाई के दौरान संबंधित क्षेत्रीय सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहे। प्राधिकरण ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत निर्माण और बिना स्वीकृति संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध निगरानी बढ़ाई जा रही है।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले—अवैध निर्माण पर नहीं होगी ढिलाई
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना और अवैध निर्माण व अनधिकृत प्लॉटिंग पर प्रभावी अंकुश लगाना प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी कर प्लॉटिंग करने या बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आमजन से अपील की कि जमीन या भूखंड खरीदने से पहले उसके स्वीकृत लेआउट और संबंधित अनुमतियों की पूरी जानकारी प्राप्त करें। इससे नागरिकों के हितों की रक्षा करने के साथ ही नियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा।
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने दिए निगरानी के निर्देश
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने तथा अवैध निर्माण की जानकारी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नागरिकों से भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने से पहले जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त करने की अपील की।



