उत्तराखंड

कुंजापुरी मेले में प्रियंका मेहर और हेमा नेगी करासी की आवाज का जादू, देर रात तक झूमे दर्शक

छठी सांस्कृतिक संध्या में लोकगीतों और जागरों की धूम; प्रियंका के सुपरहिट गीतों पर थिरके युवा, हेमा नेगी करासी के भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल

टिहरी गढ़वाल, 17 अक्टूबर। सिद्धपीठ मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की छठी सांस्कृतिक संध्या उत्तराखंड की लोक संस्कृति और संगीत के नाम रही। सुप्रसिद्ध लोक गायिका प्रियंका मेहर और प्रख्यात जागर गायिका हेमा नेगी करासी ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगीतों की धुनों पर जहां युवा जमकर थिरके, वहीं पारंपरिक जागरों और भजनों ने पूरे पंडाल को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में हजारों दर्शक पंडाल में डटे रहे।

सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कुंजापुरी मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रियंका मेहर के गीतों पर झूम उठा पंडाल

सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत युवा लोक गायिका प्रियंका मेहर की शानदार प्रस्तुतियों से हुई। मंच पर आते ही उन्होंने पारंपरिक लोक संगीत और आधुनिक धुनों का ऐसा संगम प्रस्तुत किया कि पूरा पंडाल उत्साह से भर उठा। उनके लोकप्रिय गीत ‘फूल खिलाला’, ‘रम झमा’, ‘मैत वाली दिसा’, ‘घूमू घालू’ और ‘लड़का कुमाऊं को’ पर दर्शकों ने खूब आनंद लिया।

प्रियंका मेहर ने गढ़वाली और कुमाऊंनी गीतों का मैशअप प्रस्तुत कर युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी हर प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ स्वागत किया।

हेमा नेगी करासी के जागरों ने बांधा भक्ति का समां

इसके बाद प्रख्यात जागर गायिका हेमा नेगी करासी ने मंच संभाला। मां कुंजापुरी के भक्तिमय भजनों और पारंपरिक आछरी जागरों से उन्होंने सांस्कृतिक संध्या को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। उनकी सुरीली आवाज ने दर्शकों को भक्ति और लोक परंपराओं से जोड़ दिया।

हेमा नेगी करासी ने ‘सोबनु’, ‘मेरी बामणी’, ‘कांचनी कैलाश’, ‘नंदा के जगराते’ और ‘घस्यारी’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। लोक संगीत और जागरों की इस जुगलबंदी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

अतिथियों ने कलाकारों को किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान मेला अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पवार, महेश गोसाईं, द्वारिका प्रसाद जोशी, प्रकाश चंद्र रमोला, सभासद साकेत बिजल्वाण, सभासद सचिन भंडारी, ममता, आशा, विनीता, रवि नेगी सहित नगर पालिका के पदाधिकारी, मेला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

अतिथियों ने कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और सफल आयोजन के लिए मेला समिति को बधाई दी। छठी सांस्कृतिक संध्या ने एक बार फिर कुंजापुरी मेले के मंच पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति, संगीत और परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

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