देहरादून में एमडीडीए का बड़ा एक्शन: 13 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, बिना नक्शे का व्यावसायिक निर्माण सील
देहराखास और डोईवाला के फतेहपुर माजरीग्रांट में प्राधिकरण की कार्रवाई, एमडीडीए ने अवैध निर्माण करने वालों को दी सख्त चेतावनी

देहरादून, 3 नवंबर 2026। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को प्राधिकरण की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए करीब 13 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया, जबकि देहराखास में बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को सील कर दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध रूप से निर्माण और प्लॉटिंग करने वालों में सख्त संदेश गया है।
देहराखास में व्यावसायिक निर्माण सील
एमडीडीए के अनुसार, देहराखास में पथरी बाग चौक के निकट मयंक डोभाल की ओर से बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। शिकायत मिलने और निरीक्षण के बाद प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की।
फतेहपुर माजरीग्रांट में 13 बीघा प्लॉटिंग ध्वस्त
वहीं, डोईवाला क्षेत्र के फतेहपुर माजरीग्रांट में राजेश पंत एवं अन्य द्वारा करीब 13 बीघा भूमि पर कथित तौर पर बिना आवश्यक अनुमति के प्लॉटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया।
दोनों स्थानों पर कार्रवाई संबंधित सेक्टरों के सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं, सुपरवाइजर और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।
नियमों की अनदेखी पर नहीं मिलेगी छूट: बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक निर्माण का निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक निर्माण करना और कृषि अथवा अन्य भूमि पर आवश्यक अनुमति के बिना प्लॉटिंग करना शहर की नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करता है। ऐसे मामलों को प्राधिकरण गंभीरता से ले रहा है।
तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में पारदर्शी और सुव्यवस्थित विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। एमडीडीए का उद्देश्य केवल अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि शहर के अनियोजित विस्तार पर रोक लगाना भी है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि जमीन खरीदने से पहले भूमि की स्थिति, स्वीकृत लेआउट और प्राधिकरण की अनुमति की जांच जरूर करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अवैध प्लॉटिंग पर लगातार रखी जाएगी नजर
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों की नियमित निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों पर नजर रखने और अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि फतेहपुर माजरीग्रांट में करीब 13 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त करना और देहराखास में अनधिकृत व्यावसायिक निर्माण को सील करना इसी अभियान का हिस्सा है।
सचिव ने लोगों से अपील की कि बिना आवश्यक स्वीकृति वाले भूखंडों में निवेश करने से बचें और किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराएं। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि शहर के सुनियोजित विकास और आमजन के हितों की रक्षा के लिए प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेगा।



