उत्तराखंड के 95 विकासखंडों में चलेगा ‘खेत बचाओ अभियान’, 1.20 लाख किसानों तक पहुंचेगी पहल: गणेश जोशी
विकासनगर के ढकरानी में कृषि मंत्री ने रबी अभियान-2026 का किया शुभारंभ, प्रदेशभर में होंगे 2,375 कार्यक्रम; किसानों को चेक, फसलों के पंजीकरण प्रमाणपत्र और सब्जियों के बीज वितरित

विकासनगर, 24 अक्टूबर। उत्तराखंड में कृषि भूमि के संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य में सुधार और किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत हो गई है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को कृषि विज्ञान केंद्र, ढकरानी, विकासनगर में रबी अभियान-2026 के तहत आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कृषि यंत्रीकरण योजना के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। साथ ही स्थानीय फसलों के पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान किए और किसानों को सब्जियों के बीज भी बांटे।
प्रदेश के 95 विकासखंडों में होंगे 2,375 कार्यक्रम
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत उत्तराखंड के सभी 95 विकासखंडों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक विकासखंड में 25 कार्यक्रम आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह प्रदेशभर में कुल 2,375 कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनके माध्यम से लगभग 1.20 लाख किसानों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। अभियान का उद्देश्य किसानों को कृषि भूमि के संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक करना है।
कृषि भूमि का संरक्षण समय की जरूरत: गणेश जोशी
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि योग्य भूमि का संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य में सुधार और आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना आज की आवश्यकता है। ‘खेत बचाओ अभियान’ कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनका लाभ देश के करोड़ों किसानों को मिल रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मिलेट्स, कीवी और ड्रैगन फ्रूट की खेती पर जोर
गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ मिलेट्स, कीवी, ड्रैगन फ्रूट और सुगंधित पौधों जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसानों को आय के नए स्रोत विकसित करने और खेती को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पॉलीहाउस जैसी आधुनिक सुविधाओं से कम भूमि में बेहतर उत्पादन लेने और वर्षभर सब्जियों की खेती करने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी उपज और आमदनी में वृद्धि करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने और कृषि संबंधी नवीनतम जानकारियां देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से कृषि भूमि के संरक्षण को सामूहिक अभियान बनाने और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसानों की मजबूती से ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। ‘खेत बचाओ अभियान’ कृषि भूमि के संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य में सुधार और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और कृषि विशेषज्ञ रहे मौजूद
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान, हरबर्टपुर नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, कृषि निदेशक दिनेश कुमार, बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, रेशम निदेशक प्रदीप सिंह सहित कृषि वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।



