राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़ में हिंदी दिवस पर गूंजा हिंदी का गौरव, विद्यार्थियों ने कविता और भाषण से बांधा समां
कविता-पाठ, निबंध लेखन और भाषण प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने लिया उत्साह से हिस्सा, प्राचार्य डॉ. आदित्य कुमार मौर्य ने बताया हिंदी को भारतीय संस्कृति और विविधता की सशक्त कड़ी

थत्यूड़, टिहरी गढ़वाल। राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़ में हिंदी विभाग के तत्वावधान में हिंदी दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आदित्य कुमार मौर्य ने किया। उन्होंने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी महज संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और विविधता को एक सूत्र में पिरोने वाली सशक्त कड़ी है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भारती नौटियाल ने किया। इस दौरान डॉ. अखिल गुप्ता एवं डॉ. उर्वशी ने हिंदी भाषा की उपयोगिता, वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता और हिंदी के व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी को समृद्ध और लोकप्रिय बनाने में विद्यार्थियों तथा युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए कविता-पाठ, निबंध-लेखन और भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए हिंदी भाषा, साहित्य, संस्कृति और राष्ट्र की एकता में हिंदी की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर प्रिया, सागर, सविता, विकास और मानसी ने हिंदी दिवस के संदर्भ में अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के प्रति अपने सम्मान, गौरव और अनुराग को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में डॉ. शैलेंद्र, डॉ. कुँवर सिंह, डॉ. कनुप्रिया, डॉ. रवि चंद्र, डॉ. नीरज असवाल, डॉ. संगीता खड़वाल सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता, गौरव और आत्मीयता की भावना विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। हिंदी दिवस समारोह उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।



