लखवाड़ बांध परियोजना के काम में तेजी लाने के निर्देश, डीएम ने भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की समीक्षा की
लंबित प्रकरणों का जल्द होगा निस्तारण, एनओसी देने वाले काश्तकारों को शीघ्र भुगतान के निर्देश

टिहरी, 10 सितंबर 2026। लखवाड़ बांध परियोजना के कार्यों में तेजी लाने को लेकर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण, परिसंपत्तियों के मुआवजे और लंबित प्रकरणों की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना क्षेत्र में कुल परिसंपत्तियों की संख्या, अब तक वितरित किए गए मुआवजे तथा लंबित प्रकरणों का स्पष्ट और तथ्यात्मक विवरण तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद उनका समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में भूमि और परिसंपत्तियों का वर्गीकरण तीन श्रेणियों में किया गया है। इसमें खाली अथवा विभागीय भूमि, अधिग्रहण के बाद अस्थायी कब्जे वाली भूमि तथा अधिग्रहण से पूर्व की परिसंपत्तियां और पेड़ शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार श्रेणी-दो की भूमि का संयुक्त निरीक्षण पूरा किया जा चुका है। जिन मामलों में कब्जे प्राप्त हो चुके हैं, उनमें भुगतान की कार्रवाई के लिए प्रकरण आगे भेजे जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन काश्तकारों और ग्रामीणों की ओर से एनओसी उपलब्ध करा दी गई है, उनके मामलों में आवश्यक प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को परियोजना से जुड़े सभी कार्यों की नियमित समीक्षा करने और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना से संबंधित कार्यों में समन्वय और गति बनाए रखना आवश्यक है, ताकि प्रभावित ग्रामीणों से जुड़े मामलों का समय पर समाधान हो सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी धनोल्टी अंशुल भट्ट, एसएलएओ नीलू चावला, डीजीएम लखवाड़ बांध परियोजना शिवदास, तहसीलदार धनोल्टी मो. शादाब सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



