बीएचयू में निखरेगी उत्तराखंड के युवा शिक्षकों की दक्षता, 50 असिस्टेंट प्रोफेसर लेंगे विशेष प्रशिक्षण
आधुनिक शिक्षण तकनीक और शोध पद्धतियों पर फोकस, 23 मार्च से शुरू होगा इंडक्शन प्रोग्राम; 35 सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों का प्रशिक्षण भी जारी

देहरादून, 20 मार्च 2026 | उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और शोध संस्कृति को मजबूती देने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में विज्ञान वर्ग के नव नियुक्त 50 असिस्टेंट प्रोफेसरों को Banaras Hindu University (बीएचयू), वाराणसी में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 23 मार्च से 19 अप्रैल तक आयोजित होगा, जिसमें शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, शोध पद्धतियों और शैक्षणिक प्रशासन के नवीन आयामों से अवगत कराया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को अधिक प्रभावी, नवाचारी और परिणामोन्मुख शिक्षण के लिए तैयार करना है, ताकि वे अपने संस्थानों में गुणवत्तापरक शैक्षिक वातावरण विकसित कर सकें।
प्रशिक्षण के दौरान देशभर के विशेषज्ञों और बीएचयू के प्रख्यात शिक्षकों द्वारा व्याख्यान एवं इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए जाएंगे। इससे प्रतिभागियों को वैश्विक स्तर की शैक्षणिक समझ और शोध दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर मिलेगा।
वहीं, उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन एवं ज्ञानवर्द्धन योजना के तहत 35 सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों का प्रशिक्षण भी बीएचयू में जारी है। 9 मार्च से शुरू हुए 12 दिवसीय इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को डिजिटल लाइब्रेरी, ई-रिसोर्सेज, सूचना प्रबंधन और आधुनिक पुस्तकालय प्रणाली की बारीकियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के पुस्तकालयों का भ्रमण कर डिजिटलीकरण, संसाधन प्रबंधन और उन्नत पुस्तकालय सेवाओं की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा।
उच्च शिक्षा मंत्री Dr. Dhan Singh Rawat ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों को देश के उत्कृष्ट संस्थानों में प्रशिक्षण और एक्सपोजर प्रदान कर शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा और शोध व नवाचार की संस्कृति को बल मिलेगा।



