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बड़ी खबर: केदारनाथ यात्रा की तारीख तय, भक्तों में उत्साह

शिवरात्रि पर उखीमठ में पंचांग गणना के बाद तिथि घोषित, यात्रा तैयारियों में तेजी

रुद्रप्रयाग, 15 फरवरी। ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ मंदिर के कपाट इस वर्ष 22 अप्रैल को वृष लग्न में प्रातः 8 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और पंचांग गणना के बाद विधिवत तिथि की घोषणा की गई।

कार्यक्रम में केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग, विधायक आशा नौटियाल, श्री बदरीनाथ‑केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष विजय कपरवाण, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल सहित धर्माचार्य, जनप्रतिनिधि और हक-हकूकधारी मौजूद रहे। मंदिर को लगभग साढ़े नौ क्विंटल फूलों से सजाया गया और भंडारों का आयोजन हुआ, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए चारधाम यात्रा में आने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा आस्था, परंपरा और स्थानीय आजीविका का संगम है तथा समिति परंपरागत अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में यात्रा को सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार और प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है। साथ ही बदरीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे।

मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि दोनों धामों की तिथि तय होते ही यात्रा तैयारियां तेज कर दी गई हैं और समिति कार्यालयों व विश्रामगृहों का निरीक्षण जारी ह।

मीडिया प्रभारी के अनुसार 18 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर में भैरवनाथ पूजा के बाद भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली 19 अप्रैल को फाटा के लिए रवाना होगी, 20 अप्रैल को गौरीकुंड पहुंचेगी और 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंच जाएगी।

इस वर्ष मंदिर में मुख्य पुजारी का दायित्व एमटी गंगाधर संभालेंगे, जबकि मदमहेश्वर धाम के लिए शिवशंकर लिंग तथा अतिरिक्त व्यवस्था में बागेश लिंग रहेंगे। मंदिर सजावट में अभिनव सुशील निवासी मुजफ्फरनगर का विशेष सहयोग रहा।

 

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, चारधाम यात्रा मुख्य सलाहकार बीडी सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पुजारी और सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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