हरियाणा की संस्कृति और नवाचारों से रूबरू होंगे उत्तराखंड के युवा, सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा—अंतरराज्यीय युवा संवाद से साझा होंगे अनुभव, संस्कृति, पर्यटन, स्थानीय उत्पाद और विकास की बेहतर कार्यप्रणालियों को समझने का मिलेगा अवसर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में हरियाणा भ्रमण पर जा रहे उत्तराखंड के युवाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अंतरराज्यीय भ्रमण युवाओं को देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, जीवनशैली, विकास कार्यों और नवाचारों को करीब से समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवा दूसरे राज्यों में जाकर वहां की संस्कृति, स्थानीय विशेषताओं और विकास से जुड़ी बेहतर कार्यप्रणालियों को समझें और उपयोगी अनुभवों को उत्तराखंड के संदर्भ में साझा करें। इसी तरह दूसरे राज्यों के युवाओं को भी उत्तराखंड की संस्कृति, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से परिचित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर युवाओं को सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ना है। ऐसे कार्यक्रम विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से हरियाणा की संस्कृति, इतिहास, खान-पान, खेल परंपरा, कृषि और स्थानीय जीवनशैली को करीब से जानने का आह्वान किया। उन्होंने स्थानीय युवाओं, खिलाड़ियों, किसानों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे लोगों से संवाद कर उनके अनुभवों को समझने की बात कही।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवा जब दूसरे प्रदेशों में जाएं तो देवभूमि की समृद्ध संस्कृति, लोकपर्व, खान-पान, पर्यटन स्थलों, होम-स्टे, स्थानीय उत्पादों, मिलेट्स और हस्तशिल्प की जानकारी भी वहां के लोगों तक पहुंचाएं। चारधाम के साथ आदि कैलाश, जागेश्वर, कैंची धाम, शीतकालीन पर्यटन और साहसिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों की संभावनाओं से भी देशभर के लोगों को परिचित कराने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को भी दूसरे राज्यों तक पहुंचाने में युवाओं की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम केवल भ्रमण तक सीमित न रहकर युवा संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अनुभव साझा करने का मंच बनें। इससे युवाओं को देश की विविधता समझने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे बेहतर कार्यों से सीखने का अवसर मिलेगा।



