थराली
राजराजेश्वरी अपनी कैलाश यात्रा के तीसरे पड़ाव सोल घाटी के कोलपुडी गांव पहुंची
थराली। राजराजेश्वरी अपनी कैलाश यात्रा के तीसरे पड़ाव में सोमवार को जब सोल घाटी के कोलपुडी गांव पहुंची तो भक्तों मैं गजब का उत्साह था। ऐसा कतई नहीं लग रहा था कि टूटे रास्तों चट्टानों ,बहते हुए गधेरों को पार कर भक्त यहां पहुंचे हो गांव से दूर 3 किलोमीटर से ही मां के जयकारे सुनाई दे रहे थे। और लोग मां की डोली का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे क्यों न करें उनकी आराध्य देवी एक साल बाद उनको दर्शन जो दे रही थी। जैसे ही बधाण की मां भगवती नंदा देवी राज राजेश्वरी की डोली कुलपुली गांव पहुंची भक्तों ने मां के जयकारों और ध्याणीयो ने मांगल गीत गाकर मां की आगवानी की इस दौरान गांव के पंचायती चौक में देवी के प्रश्वा अवतरित हुई और भक्तों को आशीर्वाद दिया। देवी की एक झलक पाने के लिए सुबह से ही गांव में भक्तों और धाणियो का तांता लगना शुरू हो गया था। और रात्रि तक गांव में भक्तों से खचाखच भर गया था। जैसे ही देवी की डोली पहुंची डोली के साथ चलने वाले आचार्य गौड़ ब्राह्मणों द्वारा वेद मंत्र उच्चारण से विशेष पूजा अर्चना की गई। धाणियो ने माँ नंदा को श्रृंगार सामान भेंट किया मुख्य पुजारी मंसाराम गौड़ ने भक्तों को देवी का प्रसाद वितरित किया इसके बाद गांव में रात्रि जागरण के दौरान देवी के गीतों जागरण और चांचिडियो से माहौल भक्तिमय हो गया। मंगलवार को देवी की डोली डूंगरी पहुंचेगी।
