दुर्गापुल-ककड़ू मोटर मार्ग के डामरीकरण पर उठे सवाल, ग्रामीणों के विरोध के बाद हरकत में आया लोनिवि
73 लाख रुपये की लागत से हो रहा पांच किलोमीटर सड़क का निर्माण; सफाई और सतह सुधारने के निर्देश, तापमान अनुकूल होने पर ही होगा पीसी का काम

रिपोर्ट–मुकेश रावत
थत्यूड़ (टिहरी गढ़वाल)। जौनपुर विकासखंड के अंतर्गत दुर्गापुल-ककड़ू मोटर मार्ग पर चल रहे डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सड़क निर्माण में कथित तौर पर घटिया सामग्री के इस्तेमाल और मानकों की अनदेखी के आरोप लगाते हुए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के प्रति नाराजगी जताई है। क्षेत्र पंचायत सदस्य अनीश कुमार ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि कार्य में सुधार नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर विभाग के खिलाफ जन आंदोलन किया जाएगा।
पांच किलोमीटर सड़क पर 73 लाख रुपये की लागत से हो रहा काम
दुर्गापुल से ककड़ू तक करीब पांच किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग पर लोक निर्माण विभाग की ओर से डामरीकरण और पुस्ता निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य अनीश कुमार का आरोप है कि सड़क पर डामरीकरण से पहले पर्याप्त सफाई नहीं की जा रही थी। इसके साथ ही निर्धारित तापमान और सड़क की विभिन्न परतों के बीच उचित बांडिंग जैसे तकनीकी मानकों का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा था।
अनीश कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य में कमियां नजर आने पर उन्होंने तत्काल लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। सरकारी धन से होने वाले निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी है।
सड़क की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं
क्षेत्र पंचायत सदस्य ने कहा कि सड़क क्षेत्र के विकास की बुनियादी जरूरत है। बेहतर सड़क सुविधा से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवागमन में सहूलियत मिलती है। ऐसे में यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी रहती है तो इसका सीधा असर क्षेत्रवासियों पर पड़ेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़क निर्माण पूरा होने तक गुणवत्ता की निगरानी की जानी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को लंबे समय तक बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।
शिकायत पर मौके पर पहुंचा विभाग, ठेकेदार को दिए निर्देश
लोक निर्माण विभाग, थत्यूड़ के अधिशासी अभियंता आदर्श गोपाल ने बताया कि दुर्गापुल-ककड़ू मोटर मार्ग पर करीब पांच किलोमीटर लंबाई में डामरीकरण कराया जा रहा है। इस कार्य की लागत लगभग 73 लाख रुपये है। जनप्रतिनिधि की शिकायत मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया।
उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान सड़क की सफाई में और सुधार की आवश्यकता महसूस हुई। इसके बाद संबंधित ठेकेदार को निर्देश दिए गए कि डामरीकरण से पहले सड़क की अच्छी तरह सफाई की जाए। जिन स्थानों पर सतह में कमी है, वहां जरूरत के अनुसार अतिरिक्त जी-3 पत्थर डालकर सतह को दुरुस्त किया जाए। इन निर्देशों का पालन होने के बाद ही आगे डामरीकरण कराया जाएगा।
ठंड में निर्धारित समय के भीतर ही होगा पीसी का काम
अधिशासी अभियंता आदर्श गोपाल ने बताया कि मौसम और तापमान सड़क निर्माण की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। ऐसे में प्रिमिक्स कारपेट (पीसी) का कार्य अनुकूल तापमान और निर्धारित परिस्थितियों में ही कराया जाना चाहिए। ठंड बढ़ने के कारण संबंधित ठेकेदार को सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे से पहले तक ही पीसी का कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तापमान अनुकूल नहीं होने की स्थिति में पीसी का काम नहीं कराया जाएगा। सड़क की सफाई और सतह सुधारने संबंधी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। विभाग की ओर से समय-समय पर कार्य का निरीक्षण भी किया जाएगा, ताकि निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखी जा सके।
ग्रामीणों ने की नियमित निगरानी की मांग
दूसरी ओर, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्रामीणों ने मांग की है कि दुर्गापुल-ककड़ू मोटर मार्ग का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाए। उन्होंने कार्य पूरा होने तक नियमित निगरानी रखने और सड़क की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
फिलहाल, विभाग ने शिकायत के बाद सफाई और सतह सुधारने के निर्देश दिए हैं। अब निर्माण कार्य में इन निर्देशों का कितना पालन होता है और सड़क की गुणवत्ता किस स्तर की रहती है, इस पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की नजर रहेगी।



