उत्तराखंड

टिहरी में पर्यटन परिसंपत्तियों की होगी समीक्षा, डीएम नितिका खंडेलवाल ने दिए जरूरी निर्देश

जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक में पर्यटन स्थलों के बेहतर प्रबंधन पर जोर, विभिन्न परिसंपत्तियों से सालाना 19.36 लाख रुपये की आय

टिहरी गढ़वाल। जनपद में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग को लेकर जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। 5 नवंबर 2026 को कलेक्ट्रेट स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में उनकी अध्यक्षता में जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यटन परियोजनाओं की निगरानी, नए पर्यटन स्थलों की पहचान, आधारभूत सुविधाओं के विकास और मौजूदा परिसंपत्तियों के रखरखाव सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

जीर्ण-शीर्ण परिसंपत्तियों पर कार्रवाई के निर्देश

बैठक में जिलाधिकारी ने गढ़वाल मंडल विकास निगम से पर्यटन विभाग को दोबारा हस्तांतरित की गई उन परिसंपत्तियों की समीक्षा की, जो वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं और जिनका संचालन नहीं हो रहा है। उन्होंने संबंधित परिसंपत्तियों का औचित्य प्रमाण पत्र प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई से संबंधित प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

डीएम ने कहा कि पर्यटन परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग हो सके और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिले।

पर्यटन परिसंपत्तियों से सालाना 19.36 लाख रुपये की आय

बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, जिला पर्यटन विकास समिति को विभिन्न परिसंपत्तियों से प्रतिवर्ष कुल 19,36,767 रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इसमें कोटी कॉलोनी की पार्किंग के समीप बनी आठ दुकानों से 8,84,902 रुपये की वार्षिक आय शामिल है।

इसके अलावा कैंपटीफॉल में निर्मित शौचालय एवं चेंजिंग रूम से 90,500 रुपये और पर्यटक आवास गृह सेम मुखेम से 6,60,666 रुपये प्रतिवर्ष प्राप्त हो रहे हैं।

वहीं, पर्यटक आवास गृह नैखरी चंद्रबदनी से 1,00,100 रुपये, चंबा पार्किंग से 1,02,266 रुपये तथा बौराड़ी पार्किंग से 98,333 रुपये की सालाना आय दर्ज की गई है।

पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर मंथन

बैठक में जनपद के पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं को बेहतर बनाने, नई संभावनाओं वाले पर्यटन स्थलों की पहचान करने तथा पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही पर्यटन गतिविधियों के प्रचार-प्रसार और मौजूदा सुविधाओं के रखरखाव पर भी जोर दिया गया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, डीएफओ टिहरी हिमांशु बंगारी, जिला पंचायत के कार्यकारी अधिकारी एसएस कठैत, जिला पर्यटन विकास अधिकारी एसएस राणा, खाते टूर एंड ट्रैवल्स से हनुमंत महर, कोषाधिकारी अंजलि भारती सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!