जनगणना-2027: 16 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना, 40 सवालों के देने होंगे जवाब; टिहरी में तैयारियां तेज
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से अभियान चलाने के दिए निर्देश, सरकारी कार्मिकों की स्व-गणना अनिवार्य रूप से कराने पर जोर

टिहरी गढ़वाल। जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना अभियान को सफल बनाने के लिए टिहरी गढ़वाल में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और जनपद में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। स्व-गणना की ऑनलाइन प्रक्रिया 16 से 30 नवंबर 2026 तक चलेगी। इसमें नागरिकों को अपने परिवार से संबंधित कुल 40 सवालों के जवाब देने होंगे।
शुक्रवार को विकास भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्व-गणना में आमजन की सक्रिय भागीदारी से जनगणना की प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान की जानकारी जनपद के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग निर्धारित अवधि में अपनी स्व-गणना पूरी कर सकें।
ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करनी होगी परिवार की जानकारी
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि नागरिक आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर अपने परिवार से संबंधित विवरण स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। निर्धारित 40 सवालों के जवाब भरने के बाद एक विशिष्ट स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) प्राप्त होगी। इस पहचान संख्या को सुरक्षित रखना होगा और बाद में घर-घर जनगणना के दौरान गणनाकार को उपलब्ध कराना होगा।
उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 15 नवंबर तक परीक्षण पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना प्रक्रिया का अभ्यास करने के निर्देश भी दिए, ताकि वास्तविक अभियान के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
सरकारी कर्मचारियों की स्व-गणना कराना अनिवार्य
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद के सभी सरकारी कार्मिकों की स्व-गणना अनिवार्य रूप से कराई जाए। इसमें उपनल और आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी भी शामिल होंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्षों को सौंपी गई है।
शिक्षा विभाग को खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से सभी संबंधित कर्मचारियों की स्व-गणना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यालयों में विद्यार्थियों को भी अभियान के प्रति जागरूक करने को कहा गया, ताकि वे अपने अभिभावकों को स्व-गणना के लिए प्रेरित कर सकें।
नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को भी सौंपी जिम्मेदारी
शहरी क्षेत्रों में अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को विभिन्न वाहनों के माध्यम से जागरूकता संबंधी जिंगल प्रसारित कराने के निर्देश दिए गए। निकायों के कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़कर आमजन तक संदेश पहुंचाने पर जोर दिया गया।
वहीं, पंचायती राज विभाग और खंड विकास अधिकारियों को जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुखों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों और वार्ड सदस्यों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया। उप जिलाधिकारियों से स्थानीय विधायकों के माध्यम से भी स्व-गणना के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपेक्षा की गई।
प्रशिक्षण, दैनिक लक्ष्य और जागरूकता वीडियो पर जोर
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को स्व-गणना प्रक्रिया का प्रशिक्षण देने और इसकी अनुपालन आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कर्मचारियों के लिए प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित करने के साथ-साथ जागरूकता संबंधी वीडियो तैयार कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा गया।
उन्होंने कहा कि स्व-गणना की प्रक्रिया जितनी पहले पूरी होगी, मुख्य जनगणना के दौरान उतनी ही सुविधा रहेगी।
1 दिसंबर से घर-घर पहुंचेगा जनगणना दल
बैठक में बताया गया कि स्व-गणना की अवधि समाप्त होने के बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनगणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित निर्धारित जानकारी दर्ज की जाएगी।
बैठक में एडीईएसटीओ धारा सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना की प्रक्रिया, इसके महत्व और निर्धारित प्रश्नों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी केशव गैरोला, नगर पालिका के प्रधान सहायक मनोज राणा, टैक्स कलेक्टर संतोष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वर्चुअल माध्यम से समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी भी बैठक से जुड़े।



