टिहरी में आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर डीएम सख्त, बोलीं- बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
नितिका खंडेलवाल ने नौ आवासीय विद्यालयों की सुविधाओं की समीक्षा की; पेयजल, रिक्त पदों, कंप्यूटर, पुस्तकालय और छात्रावास की समस्याओं के समाधान के निर्देश

टिहरी गढ़वाल, 27 अक्टूबर। जनपद के आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों और विद्यालयों के वार्डन को निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के साथ ही पेयजल, भोजन, छात्रावास और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। विद्यार्थियों की शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जनपद के सात कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल और राजीव गांधी नवोदय विद्यालय देवलधार में उपलब्ध सुविधाओं एवं आवश्यकताओं की समीक्षा की गई। बैठक में विद्यार्थियों की संख्या, कार्मिकों की उपलब्धता, पेयजल, छात्रावास, पुस्तकालय और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर चर्चा की गई।
आमपाटा विद्यालय में पेयजल संकट, टैंकर से हो रही आपूर्ति
समीक्षा बैठक में नरेंद्रनगर के आमपाटा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पेयजल की समस्या सामने आई। पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण विद्यालय में टैंकर से अस्थायी जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन इससे पानी की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। जिलाधिकारी ने समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया।
विद्यालय के अपग्रेडेशन के लिए भेजे गए प्रस्ताव की जानकारी भी बैठक में दी गई। बताया गया कि विद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध है और प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
रिक्त पदों को भरने और सुविधाएं दुरुस्त करने पर जोर
बैठक में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कर्मचारियों की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान भिलंगना विकासखंड के अखोड़ी स्थित विद्यालय में वार्डन का एक पद और प्रतापनगर स्थित विद्यालय में अकाउंटेंट का एक पद रिक्त होने की जानकारी दी गई। वहीं हेड कुक, असिस्टेंट कुक और चौकीदार के सभी पद भरे हुए बताए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे एकाग्रता के साथ अध्ययन कर सकें और परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों की शैक्षणिक प्रगति और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
आमपाटा और रौतू की बेली के विद्यालयों में जल्द मिलेंगे कंप्यूटर
विद्यालयों की ओर से कंप्यूटर उपलब्ध कराने की मांग पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने आमपाटा, रौतू की बेली सहित अन्य संबंधित विद्यालयों में जल्द कंप्यूटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जिन विद्यालयों के पुस्तकालयों में पुस्तकों की कमी है, उन्हें मुख्यालय से आवश्यक पुस्तकें प्राप्त करने को कहा। वहीं, कुछ विद्यालयों में सोलर गीजर की मरम्मत की आवश्यकता को देखते हुए उरेडा विभाग को संबंधित स्थलों का निरीक्षण कर मरम्मत के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जिन विद्यालयों में रोटी मेकिंग मशीन की आवश्यकता है, उन्हें इसके लिए प्रस्ताव भेजने को कहा गया। प्रतापनगर के सुजाड़ गांव स्थित विद्यालय में फेंसिंग की जरूरत भी बैठक में उठाई गई।
पौखाल नवोदय विद्यालय में 541 विद्यार्थी, तीन पद रिक्त
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल में कुल 541 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें 318 बालक और 223 बालिकाएं शामिल हैं। बैठक में बताया गया कि विद्यालय में शिक्षण संवर्ग के दो और गैर-शिक्षण संवर्ग का एक पद रिक्त है।
विद्यालय में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति, खेल मैदान की मरम्मत, सोलर लाइट लगाने और पीआरडी कार्मिकों की तैनाती जैसी आवश्यकताओं पर भी चर्चा की गई।
देवलधार विद्यालय में बेड और स्टडी टेबल की कमी
राजीव गांधी नवोदय विद्यालय देवलधार में कुल 216 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें 97 छात्र और 119 छात्राएं शामिल हैं। समीक्षा के दौरान विद्यालय में बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार की आवश्यकता बताई गई। इसके अलावा छात्रावास में बेड, स्टडी टेबल और कुर्सियों की कमी का मामला भी सामने आया।
बैठक में बताया गया कि विद्यालयों में आईसीटी कक्ष, पुस्तकालय, सीसीटीवी कैमरे, रूम हीटर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी, ओपन जिम, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट और वेंडिंग मशीन सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने आवश्यकतानुसार शेष व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया।
स्वास्थ्य और भोजन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी आवासीय विद्यालयों में निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी अधिकारियों के संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में बच्चों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक आपातकालीन दवाइयों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने भोजन कक्ष और डाइनिंग व्यवस्था में साफ-सफाई बनाए रखने के साथ ही विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। जिन विद्यालयों में बेडशीट, कंबल या अन्य जरूरी सामग्री की कमी है, उन्हें तत्काल इसकी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि समय रहते आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की जा सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और दैनिक सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति, मुख्य शिक्षा अधिकारी कमला बड़वाल सहित विभिन्न विद्यालयों के वार्डन और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



