पर्वतीय क्षेत्रों में विकसित हों मैन्युफैक्चरिंग हब, राज्यपाल ने उद्योग विभाग को दिए निर्देश
राज्यपाल गुरमीत सिंह से उद्योग विभाग के महानिदेशक डॉ. सौरभ गहरवार की शिष्टाचार भेंट, एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति पर हुई चर्चा

देहरादून, 25 सितंबर 2026। लोक भवन में शुक्रवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से उद्योग विभाग के महानिदेशक डॉ. सौरभ गहरवार ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने राज्य में औद्योगिक विकास, उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी राज्यपाल को दी।
डॉ. गहरवार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, एमएसएमई नीति, स्टार्टअप नीति और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना सहित विभाग की प्रमुख योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से उद्यमिता विकास, रोजगार सृजन, निवेश को प्रोत्साहन, नवाचार तथा हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विभिन्न योजनाओं से सामने आई सफल पहल और सफलता की कहानियों की जानकारी भी राज्यपाल को दी।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने एमएसएमई क्षेत्र को देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए इसके सुदृढ़ीकरण के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ने से वहां की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही इससे रिवर्स माइग्रेशन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
राज्यपाल ने सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार सुधार किया जाए और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा दिया जाए।
इसके अलावा राज्यपाल ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इकोनॉमी, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे उभरते क्षेत्रों की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने इन क्षेत्रों को प्रदेश के औद्योगिक विकास के प्रमुख फोकस एरिया के रूप में विकसित करने तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नीतिगत पहल किए जाने पर जोर दिया।



