थत्यूड

थत्यूड़-मसूरी मार्ग पर हादसे का खतरा, सड़क धंसी तो कट्टे से ढककर इतिश्री!

33 केवी सब स्टेशन के पास सड़क का हिस्सा धंसने से बढ़ी दुर्घटना की आशंका, संकरे मार्ग पर जगह-जगह गड्ढों से वाहन चालक परेशान

रिपोर्ट-मुकेश रावत

थत्यूड़। थत्यूड़-मसूरी-देहरादून मोटर मार्ग पर 33 केवी सब स्टेशन के समीप सड़क का एक हिस्सा धंसने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। मुख्य बाजार से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर सड़क की बदहाल स्थिति ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने विभाग से तत्काल सड़क को सुरक्षित करने की मांग की है।

थत्यूड़ से अलमस तक करीब आठ किलोमीटर लंबा मोटर मार्ग पहले से ही बेहद संकरा है। मार्ग पर जगह-जगह बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। अब 33 केवी सब स्टेशन के पास सड़क का हिस्सा धंस जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गड्ढों के कारण कई दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं।

यह मार्ग थत्यूड़ को मसूरी और देहरादून से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में सड़क का धंसा हिस्सा किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।

व्यापारियों ने उठाई सड़क दुरुस्त कराने की मांग

सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर व्यापार मंडल अध्यक्ष सुनील भट्ट, महामंत्री राकेश सजवाण और पूर्व अध्यक्ष अकबीर पवार ने लोक निर्माण विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मार्ग पर लगातार वाहनों का दबाव रहता है, इसलिए सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थायी मरम्मत के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने जरूरी हैं।

एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी

लोक निर्माण विभाग थत्यूड़ के अधिशासी अभियंता आदर्श गोपाल ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। एस्टीमेट तैयार होने के बाद उसे शासन को भेजा जाएगा और स्वीकृति मिलने पर सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।

विभाग के संज्ञान में मामला आने के बाद सड़क के धंसे हिस्से को फिलहाल कट्टे से ढक दिया गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि महज कट्टे से ढक देने से दुर्घटना का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होता।

स्थायी मरम्मत तक सुरक्षा इंतजाम की जरूरत

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क की स्थायी मरम्मत में समय लगना है तो तब तक क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि वाहन चालक दूर से ही खतरे को भांप सकें।

अब सवाल यह है कि शासन से एस्टीमेट स्वीकृत होने तक सड़क की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? महत्वपूर्ण मोटर मार्ग होने के कारण विभाग को तत्काल अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था करने के साथ स्थायी मरम्मत की प्रक्रिया में तेजी लानी होगी।

 

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