टिहरी में बाल संरक्षण योजनाओं की समीक्षा, डीएम ने दिए पात्र बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश

- बाल श्रम हॉटस्पॉट चिन्हित कर नियमित निरीक्षण के आदेश, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के 643 और स्पॉन्सरशिप योजना के 167 बच्चे ले रहे लाभ
टिहरी। जनपद में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और बाल कल्याण एवं संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कार्यालय के वीसी कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रोबेशन एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, संप्रेक्षण गृह और पॉक्सो पीड़ित बालिकाओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र बच्चा सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।
बाल श्रम रोकने को हॉटस्पॉट चिन्हित करने के निर्देश
डीएम ने बाल श्रम की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए जिले में संभावित बाल श्रम हॉटस्पॉट चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को ऐसे स्थानों पर नियमित निरीक्षण करने के साथ ही नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने संकटग्रस्त, निराश्रित और जरूरतमंद बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
विभिन्न योजनाओं में 850 से अधिक लाभार्थी
परिवीक्षा अधिकारी ज्योति पटवाल ने बैठक में विभागीय योजनाओं और बाल संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 643, स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 167, जिलाधिकारी विवेकाधीन कोष के तहत 32 तथा पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के तहत 08 लाभार्थियों को सहायता का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से विधवा पेंशन, अविवाहित महिला पेंशन तथा परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं के लिए पेंशन योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।
लंबित आवेदनों और पॉक्सो मामलों की मांगी रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लंबित आवेदनों की संख्या और लंबित प्रकरणों में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पॉक्सो अधिनियम से संबंधित पीड़ितों को दी गई आर्थिक सहायता, वितरित धनराशि और सहायता के लिए निर्धारित मानकों की जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य उपस्थित रहे।



