समग्र शिक्षा का बजट खर्च न होने पर शिक्षा मंत्री सख्त, अधिकारियों को लगाई फटकार
बजट में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी, शिक्षकों की पदोन्नति और तबादलों में तेजी लाने के निर्देश

देहरादून। समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार से मिली धनराशि समय पर खर्च न होने पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाया। समीक्षा बैठक में उन्होंने बजट खर्च में हुई लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई भी की जाएगी।
गुरुवार को अपने शासकीय आवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने समग्र शिक्षा की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार से स्वीकृत बजट के साथ-साथ राज्यांश की धनराशि भी तय समय सीमा के भीतर खर्च की जाए।
बैठक में शिक्षकों की लंबित पदोन्नति और वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि लंबे समय से पदोन्नति और तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों को जल्द राहत मिलनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार 8 और 9 अगस्त को देहरादून में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और डायट प्राचार्य भाग लेंगे। प्रत्येक जनपद समग्र शिक्षा के अंतर्गत किए गए नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों का प्रस्तुतीकरण भी करेगा।
डॉ. रावत ने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को आईसीटी लैब, वर्चुअल क्लास, स्मार्ट क्लास सहित समग्र शिक्षा की सभी प्रमुख योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए, ताकि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का जल्द शुभारंभ किया जा सके।
इसके अलावा राज्य के 200 विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए नई संस्था के चयन तक पुरानी संस्था से ही कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोण्डे, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, वित्त नियंत्रक वीरेन्द्र कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



