
देहरादून। उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी, जबकि निचले इलाकों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल यह पश्चिमी विक्षोभ राज्य से आगे बढ़ चुका है, लेकिन इसके अवशेष प्रभाव के चलते उत्तराखंड के उत्तरी जिलों में अभी भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर ने बताया कि मंगलवार देर रात से बुधवार सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश और बर्फबारी देखने को मिली। 2500 से 2800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ अब आगे बढ़ चुका है, लेकिन इसके प्रभाव से उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ सहित बागेश्वर और रुद्रप्रयाग के कुछ क्षेत्रों में आज भी कहीं-कहीं हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जो धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगी।
मौसम विभाग ने आगामी पश्चिमी विक्षोभ को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। डॉ. तोमर के अनुसार 30 और 31 जनवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड में सक्रिय होगा, जिसका असर 31 जनवरी की रात से दिखना शुरू हो जाएगा। 1 और 2 फरवरी को इसका प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, जबकि मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
लगातार बारिश और बर्फबारी के चलते प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि बुधवार को तेज धूप निकलने से मौसम में आंशिक सुधार देखने को मिला है। मौसम विभाग के अनुसार बादल कम होने के कारण दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
बयान– डॉ. सी.एस. तोमर, निदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून
प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अब आगे बढ़ चुका है, लेकिन इसके अवशेष प्रभाव से कुछ उत्तरी जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। 30-31 जनवरी को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर फरवरी के पहले दो दिनों में ज्यादा देखने को मिलेगा।



