थत्यूड़ महाविद्यालय में उद्यमिता अभिमुखीकरण कार्यक्रम, विद्यार्थियों को स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित
मशरूम उत्पादन को बताया ग्रामीण युवाओं के लिए कम लागत में आय बढ़ाने का बेहतर विकल्प

थत्यूड़, 25 अगस्त। राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़, टिहरी गढ़वाल में देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत देवभूमि उद्यमिता प्रकोष्ठ एवं करियर काउंसलिंग समिति के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय उद्यमिता अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्वरोजगार, स्टार्टअप, नवाचार और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार की संभावनाओं की जानकारी देते हुए आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आदित्य कुमार मौर्य ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि बदलते दौर में उद्यमिता युवाओं के लिए केवल स्वरोजगार का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा, कौशल और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर नए व्यवसायिक अवसर तलाशने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में दिग्विजय ने उद्यमिता की अवधारणा से लेकर व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, आवश्यक संसाधनों, कार्ययोजना, संभावित चुनौतियों और स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपनी रुचि और कौशल के अनुरूप सही दिशा में योजना बनाकर काम करें तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी सफल उद्यम खड़े किए जा सकते हैं।
वहीं सुशांत उनियाल ने विद्यार्थियों को मशरूम उत्पादन की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया, आवश्यक संसाधन, बाजार, विपणन और आय की संभावनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कम स्थान और सीमित संसाधनों में मशरूम उत्पादन शुरू कर इसे स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम बनाया जा सकता है। उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में यह युवाओं और किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण विकल्प साबित हो सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उद्यमिता और मशरूम उत्पादन से जुड़े सवाल विशेषज्ञों के सामने रखे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें स्थानीय संसाधनों, नवाचार और कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. गीता रावत शाह, डॉ. रवि चंद्रा सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



