वन्यजीवों से सतर्कता ही सुरक्षा—राईका नकुर्ची में छात्रों को किया गया जागरूक
भालू और गुलदार की बढ़ती आवाजाही के बीच सावधानी व सतर्कता के दिए गए गुर

रिपोर्ट –मुकेश रावत
थत्यूड़। राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज नकुर्ची में प्रधानाचार्य अरविंद रावत की अध्यक्षता में मसूरी वन प्रभाग की जौनपुर रेंज द्वारा वन्यजीव सुरक्षा को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वन क्षेत्र से सटे गांवों में भालू और गुलदार की बढ़ती आवाजाही के मद्देनज़र छात्रों को सतर्क करना तथा सुरक्षा उपायों की जानकारी देना रहा।
वन्यजीवों के व्यवहार और सुरक्षा उपायों पर दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान मसूरी वन प्रभाग, जौनपुर रेंज के उपवन क्षेत्राधिकारी बिजेंदर कोकलिया ने छात्रों को वन्यजीवों के स्वभाव और उनके व्यवहार के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जंगल से सटे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। छात्रों को समूह में चलने, सुबह-शाम अतिरिक्त सावधानी रखने, वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई।
जागरूकता से टल सकती हैं मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं
उपवन क्षेत्राधिकारी ने कहा कि जागरूकता और सावधानी अपनाकर मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। यदि लोग लापरवाही न बरतें और तय सुरक्षा नियमों का पालन करें, तो जान-माल की हानि से बचा जा सकता है।
व्यवहारिक उपाय अपनाने पर प्रधानाचार्य ने दिया जोर
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अरविंद रावत ने छात्रों को दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले व्यवहारिक उपायों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जंगल की ओर अकेले न जाएं, खुले में खाद्य सामग्री न छोड़ें, चलते समय शोर करते रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वन्यजीव की मौजूदगी दिखने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।
जागरूकता फैलाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम में अमित लाल (उद्यान विभाग), डॉ. आरती सेमवाल, मंजू चौहान, हरेंद्र प्रसाद, कुलदीप कुमार, पूरन सिंह तोपवाल, आनंद सिंह, अरविंद प्रसाद, मंजीव सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने स्वयं सुरक्षा नियमों का पालन करने के साथ-साथ अपने गांवों में भी वन्यजीव सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।



