राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़ में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया वीर बाल दिवस
साहिबज़ादों के बलिदान को किया नमन, विद्यार्थियों में देशभक्ति और नैतिक मूल्यों का संचार

थत्यूड़। राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़ में शुक्रवार को वीर बाल दिवस श्रद्धा, सम्मान और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, इसके पश्चात साहिबज़ादों के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए गए।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सहायक प्राध्यापक (हिंदी) डॉ. शीला बिष्ट रहीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को साहिबज़ादों के अद्वितीय बलिदान से अवगत कराते हुए उनके साहस, त्याग और धर्मनिष्ठा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साहिबज़ादों का जीवन राष्ट्र और समाज के लिए प्रेरणास्रोत है, जिससे युवाओं को कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने की सीख मिलती है।
महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम जिस शांतिपूर्ण और सुरक्षित समाज में जीवन व्यतीत कर रहे हैं, वह अनगिनत वीरों के सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से इन महान आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. गुलनाज़ फ़ातिमा रहीं। इस अवसर पर प्रो. कंचन सिंह, डॉ. संदीप कश्यप, डॉ. संगीता कैंतुरा, डॉ. अंचला नौटियाल, डॉ. संगीता खड़वाल, डॉ. संगीता सिदोला, छात्रसंघ अध्यक्ष धीरज, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम सजवान, कार्यालय स्टाफ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, त्याग और नैतिक मूल्यों की भावना को सुदृढ़ करना रहा। अंत में सभी उपस्थितजनों ने साहिबज़ादों के बलिदान को नमन करते हुए उनसे प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।



