हनुमानजी के पराक्रम से गूंज उठा थत्युड़, अशोक वाटिका में लीला का जीवंत मंचन
लंका दहन का दृश्य देख जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा मैदान

रिपोर्ट मुकेश रावत
थत्युड़। विकासखंड मुख्यालय थत्युड़ के रामलीला मैदान में चल रही मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की लीला के दसवें दिन रविवार की रात भक्ति, भाव और रोमांच से सराबोर हो गई। मंच पर प्रस्तुत हनुमानजी के अशोक वाटिका प्रवेश, माता सीता से भेंट, लंका दहन और रावण दरबार जैसे प्रसंगों ने पूरे वातावरण को राममय बना दिया।
अशोक वाटिका में हुआ भावनाओं का विस्फोट
लीला के दौरान वह क्षण देखने योग्य था जब हनुमानजी माता सीता से आज्ञा लेकर अशोक वाटिका में फल खाने लगते हैं और उपद्रव मचाने वाले राक्षसों को परास्त कर पूरी वाटिका को तहस-नहस कर देते हैं।
इस दृश्य पर उपस्थित दर्शकों ने “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारे लगाकर पूरा मैदान गुंजायमान कर दिया।
रावण दरबार में हनुमान का पराक्रम
लीला के अगले दृश्य में रावण अपने पुत्र अक्षय कुमार को युद्ध के लिए भेजता है, जिसे हनुमान अपने बल से परास्त कर देते हैं। तत्पश्चात मेघनाथ के ब्रह्मपाश में बंधकर हनुमान रावण दरबार में पहुंचते हैं।
रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ में आग लगाई जाती है — और यही दृश्य बना शाम का चरम बिंदु, जब हनुमान अपनी जलती पूंछ से पूरी लंका को आग की लपटों में भस्म कर देते हैं।
दर्शकों ने इस रोमांचक मंचन पर जोरदार तालियों और जयघोष के साथ अभिनेताओं का उत्साह बढ़ाया।
परंपरा से आधुनिकता तक – रामलीला का लाइव प्रसारण
रामलीला समिति के अध्यक्ष गजेंद्र असवाल एवं सचिव सुनील सजवाण ने बताया कि थत्युड़ की यह रामलीला अत्यंत प्राचीन परंपरा का प्रतीक है।
पिछले चार वर्षों से एस. सजवाण प्रोडक्शन चैनल के माध्यम से इस लीला का सीधा लाइव प्रसारण किया जा रहा है। प्रवासी उत्तराखंडवासी देश-विदेश में बैठकर इस भक्ति और संस्कृति के संगम का आनंद ले रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसकी भरपूर सराहना कर रहे हैं।
सहयोग से संवर रही है थत्युड़ की रामलीला
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी वर्ग एवं मीडिया के सहयोग से यह रामलीला निरंतर सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही है।
कार्यक्रम में शामिल रहे ये गणमान्य
इस अवसर पर राज्य मंत्री दर्जाधारी गीता रावत, मनवीर नेगी (माही), बच्चन सिंह रावत, मुकेश रावत (महासचिव, प्रेस क्लब धनोल्टी-जौनपुर), दिनेश रावत (कोषाध्यक्ष), अकबीर पवार (व्यापार मंडल अध्यक्ष), वीरेंद्र रावत, युद्धवीर पवार, प्रदीप भंडारी, बालकृष्ण कोठारी, प्रधान सरदार सिंह, अर्जुन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



