थत्यूड़ में क्षेत्र पंचायत की त्रैमासिक बैठक: सड़क, पेयजल व मनरेगा मुद्दों पर तीखी चर्चा
अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश, कई समस्याओं पर जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी

रिपोर्ट — मुकेश रावत
थत्यूड़। ब्लॉक सभागार में बुधवार को क्षेत्र पंचायत जौनपुर की त्रैमासिक बैठक ब्लॉक प्रमुख सीता पवार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में क्षेत्र की आधारभूत समस्याओं—सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और ग्रामीण विकास—को लेकर जनप्रतिनिधियों ने खुलकर अपनी बात रखी। बैठक की शुरुआत पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि से हुई, जिसके बाद विभिन्न विभागों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य अनीश कुमार ने थत्यूड़–सुआखोली–नगुण–भवान मोटर मार्ग पर अक्टूबर 2025 में कराए गए पैचवर्क के मात्र 15 दिन में उखड़ जाने का मामला उठाते हुए कार्य गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। इस पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने संबंधित विभागीय अधिकारी को 31 मार्च तक सड़क को दुरुस्त करने के निर्देश देते हुए लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।
जिला पंचायत सदस्य सविता देवी और ग्राम प्रधान शांति प्रसाद गौड़ ने दुगड्डा–बंगशील छह किलोमीटर मोटर मार्ग की जर्जर स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई और शीघ्र डामरीकरण की मांग की। सविता देवी ने थत्यूड़–ढाणा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मार्ग की खराब हालत का मुद्दा भी उठाया, जिससे मरीजों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्राम प्रधान लाखीराम चमोली ने राज्य योजना के अंतर्गत गोठ से बढ़ेती तक तीन किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य शुरू न होने की शिकायत दर्ज कराई।
पेयजल समस्या पर ग्राम प्रधान राजकुमारी ने बताया कि लालूर पंपिंग योजना से गांव में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जबकि उसी योजना का पानी अन्य गांवों में सिंचाई के लिए उपयोग किया जा रहा है। इस पर अधिकारियों से तत्काल समाधान की मांग की गई। वहीं ग्राम प्रधान कुलबीर रावत ने पीएमजीएसवाई के तहत बने मैड–भुयासारी मार्ग में कृषकों की भूमि दबान का मुआवजा अब तक न मिलने का मामला उठाया और किसानों के हित में शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान प्रधान संगठन ने न्यूनतम मजदूरी 252 रुपये से बढ़ाने तथा मनरेगा की ऑनलाइन हाजिरी में नेटवर्क बाधा की समस्या को लेकर नाराजगी जताई और नारेबाजी भी की। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने आश्वासन दिया कि बीडीसी के माध्यम से उठाई गई समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा और जिला स्तर की समस्याओं का निस्तारण एक माह के भीतर किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप लागू है और नेटवर्क समस्या वाले क्षेत्रों में तकनीकी समाधान कराया जाएगा।
बैठक की धीमी प्रगति के कारण कई विभागों पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी, जिस पर कुछ जनप्रतिनिधियों ने असंतोष भी जताया। बैठक में जेस्ट उपप्रमुख जय कृष्ण उनियाल, जिला पंचायत राज अधिकारी मुस्तफा खां, तहसीलदार बिरम सिंह पवार, खंड विकास अधिकारी अर्जुन सिंह रावत, प्रधान संगठन अध्यक्ष प्रदीप बिट्टू कवि, जिला उद्यान अधिकारी अरविंद शर्मा, जिला पंचायत सदस्य ममता रावत, सविता देवी, रामदयाल शाह, जोत सिंह रावत, खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कार्की, पूर्व प्रमुख सीता रावत सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।



