जौनपुर की चार वन रेंजों को नई टिहरी मुनिकिरेती प्रभाग में जोड़ने के प्रस्ताव पर विरोध तेज
ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने मसूरी कार्यालय पहुंचकर किया प्रदर्शन, निर्णय वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी

मसूरी। जौनपुर विकासखण्ड की चार वन रेंजों को प्रस्तावित नई टिहरी (मुनिकिरेती) वन प्रभाग में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को लेकर क्षेत्र में असंतोष बढ़ता जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इसे जनभावनाओं के विपरीत बताते हुए बड़ी संख्या में मसूरी स्थित मसूरी वन प्रभाग कार्यालय पहुंचकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों ने वन मंत्री सुबोध उनियाल को एसडीओ दिनेश प्रसाद नौटियाल के माध्यम से ज्ञापन भेजते हुए प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि यदि मांग पर विचार नहीं किया गया तो सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
विकासखंड प्रधान संगठन अध्यक्ष प्रदीप कवि और कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह मल्ल के अनुसार वर्तमान में मसूरी वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाली भद्रीगाड़, केम्पटी, जौनपुर और देवलसारी रेंज को नई टिहरी (मुनिकिरेती) स्थित नए वन प्रभाग से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सुदूर क्षेत्रों से मुनिकिरेती की दूरी लगभग 200 किलोमीटर से अधिक पड़ती है। पहाड़ी मार्गों के कारण इतनी दूरी तय करना समय और धन दोनों की दृष्टि से कठिन होगा तथा वन विभाग से जुड़े कार्यों के लिए आमजन को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ेगी।
संगठन ने चारों रेंजों को पूर्ववत मसूरी वन प्रभाग में ही बनाए रखने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि जनहित की अनदेखी हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। फिलहाल विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन क्षेत्र में मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।



