जौनपुर की चार रेंजों को नरेंद्रनगर वन प्रभाग में मिलाने का विरोध
विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने वन मंत्री को लिखा पत्र, प्रस्ताव निरस्त करने की मांग

रिपोर्ट–मुकेश रावत
थत्यूड़ (टिहरी)। जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखंड जौनपुर की चार वन रेंजों को मसूरी वन प्रभाग से हटाकर नरेंद्रनगर वन प्रभाग में सम्मिलित किए जाने के प्रस्ताव का स्थानीय स्तर पर विरोध तेज हो गया है। इस संबंध में धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल को पत्र लिखकर प्रस्ताव को जनहित के प्रतिकूल बताते हुए निरस्त करने की मांग की है।
विधायक पंवार ने पत्र में उल्लेख किया है कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों द्वारा उन्हें अवगत कराया गया कि मसूरी वन प्रभाग की जौनपुर, देवलसारी, भद्रीगाड़ और कैम्पटी रेंज को नरेंद्रनगर वन प्रभाग में विलय करने की तैयारी की जा रही है, जिसका ग्रामीणों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकासखंड जौनपुर की भौगोलिक स्थिति अत्यंत विषम है। क्षेत्र के ग्रामीणों को अपने अधिकार–हकूक, फ्री ग्रांट, नियत दर पर लकड़ी प्राप्त करने एवं अन्य विभागीय कार्यों के लिए मसूरी स्थित वन कार्यालय जाना पड़ता है, जिससे उन्हें सुविधा मिलती है। यदि इन रेंजों को नरेंद्रनगर में सम्मिलित किया गया तो ग्रामीणों को अत्यधिक दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और धन की अनावश्यक बर्बादी होगी।
विधायक ने पत्र में यह भी कहा कि स्थानीय ग्रामीण और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि जौनपुर विकासखंड की चारों रेंजों को पूर्व की भांति मसूरी वन प्रभाग में ही यथावत रखे जाने की मांग कर रहे हैं तथा प्रस्तावित विलय पर गहरा आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।
उन्होंने वन मंत्री से आग्रह किया है कि व्यापक जनहित और जनभावनाओं को देखते हुए मसूरी वन प्रभाग के विलय प्रस्ताव को खारिज कर रेंजों को पूर्ववत बनाए रखने के निर्देश जारी किए जाएं।



