उत्तराखंड

राजकीय मेडिकल कॉलेजों को मिली बड़ी सौगात

140 असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती को मंत्री की मंजूरी, फैकल्टी संकट होगा खत्म

देहरादून, 22 दिसंबर 2025। प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अब शिक्षकों की कमी बाधा नहीं बनेगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से चयनित 140 असिस्टेंट प्रोफेसरों को प्रदेश के विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रथम तैनाती प्रदान कर दी गई है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने तैनाती प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।


शैक्षणिक गुणवत्ता को मिलेगा नया आयाम

शिक्षण, प्रशिक्षण और शोध कार्यों में आएगी तेजी

इन नियुक्तियों से मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक वातावरण सुदृढ़ होगा। शिक्षण, प्रशिक्षण एवं शोध कार्यों को नई गति मिलेगी। साथ ही कॉलेजों से संबद्ध चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सेवाएं भी और अधिक मजबूत होंगी, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।


सरकार का फोकस: संसाधन भी, विशेषज्ञ भी

आधुनिक उपकरणों के साथ अनुभवी फैकल्टी की तैनाती

राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा को उच्च मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता के साथ-साथ विशेषज्ञ और प्रशिक्षित फैकल्टी की बड़े स्तर पर तैनाती की जा रही है। इसी क्रम में चयन बोर्ड से चयनित 140 असिस्टेंट प्रोफेसरों को विभिन्न संकायों में नियुक्त किया गया है।


इन मेडिकल कॉलेजों को मिला लाभ

सबसे अधिक तैनाती दून और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में

चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों को प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में इस प्रकार तैनाती दी गई है—

  • राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून – 41
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर – 33
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी – 24
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा – 28
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार – 12
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज, रुद्रपुर – 02

दो दर्जन से अधिक संकायों में नियुक्ति

एनेस्थीसिया, मेडिसिन और सर्जरी में बड़ी संख्या

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में दो दर्जन से अधिक संकायों में फैकल्टी की नियुक्ति की गई है।

  • एनेस्थीसिया – 15
  • कम्युनिटी मेडिसिन व पैथोलॉजी – 12-12
  • माइक्रोबायोलॉजी व ऑर्थोपेडिक्स – 9-9
  • ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनी – 8
  • एनाटॉमी व पीडियाट्रिक्स – 7-7
  • जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, रेस्पीरेटरी मेडिसिन, फार्माकोलॉजी – 5-5
  • ऑप्थैल्मोलॉजी – 4
  • ब्लड बैंक, रेडियोथेरेपी, डर्मेटोलॉजी – 3-3
  • डेंटिस्ट्री – 2
  • इमरजेंसी व फॉरेंसिक मेडिसिन – 1-1
  • ईएनटी, बायोकैमिस्ट्री, साइकियाट्री व फिजियोलॉजी – 6-6

मरीजों को भी होगा सीधा लाभ

अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं होंगी और सशक्त

प्रत्येक संकाय में मानकों के अनुरूप फैकल्टी की उपलब्धता से न केवल मेडिकल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि शोध एवं प्रशिक्षण कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।


मंत्री का बयान

“प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को उच्च मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। चयन बोर्ड से चयनित 140 असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती से मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी दूर होगी। इससे शिक्षण, प्रशिक्षण और शोध कार्यों में गुणात्मक सुधार आएगा और अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं भी और मजबूत होंगी।”
डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड

 

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