उत्तराखंड

चम्बा में पहली बार जनपद स्तरीय माल्टा महोत्सव, किसान दिवस भी मनाया गया

डीएम बोलीं—कृषि व हॉर्टिकल्चर टिहरी की आर्थिक रीढ़, योजनाओं से जुड़ें किसान

टिहरी। जनपद टिहरी गढ़वाल में कृषि व उद्यान क्षेत्र को नई पहचान देने की दिशा में सोमवार को एक अहम पहल देखने को मिली। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से विकासखंड सभागार, चम्बा में पहली बार जनपद स्तरीय माल्टा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के साथ ही किसान दिवस भी मनाया गया, जिसमें दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने सक्रिय सहभागिता की।

महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने की।

मुख्य अतिथि संजय नेगी ने कहा कि जनपद में सब्जी व फलों का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। इससे न केवल किसानों की आय में इजाफा हुआ है, बल्कि स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने किसानों से उत्पादन के साथ-साथ विपणन और प्रसंस्करण पर भी ध्यान देने का आह्वान किया।

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि टिहरी जनपद में पहली बार आयोजित यह माल्टा महोत्सव किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं हॉर्टिकल्चर जनपद की आर्थिक नींव हैं, और इस तरह के आयोजनों के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ उनकी समस्याओं पर संवाद किया जाएगा। डीएम ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने की अपील की।

कार्यशाला के दौरान कृषकों ने अपनी समस्याएं भी खुलकर रखीं। खेतवाल बिजल्वाण के कृषक ने बंदरों के आतंक की समस्या उठाई, जिस पर जिलाधिकारी ने बंदरों को भोजन न देने की अपील करते हुए बताया कि बंदररोधी पॉलीहाउस शीट्स के संबंध में शासन को संस्तुति भेजी जाएगी।

भैंसवाड़ा क्षेत्र के कीवी उत्पादक किसान ने सूअर व भालू से खेती को हो रहे नुकसान की बात रखी, जबकि चोपडियाल गांव के सब्जी उत्पादक ने फ्लोरीकल्चर, जैविक उत्पादों के उचित मूल्य व विपणन से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा।

इस मौके पर सेंटर फॉर फूड टेक्नोलॉजी, मैसूर से आए वैज्ञानिक डॉ. लीला चौहान ने किसानों को छोटी प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने, तेल निष्कर्षण तथा नई फसली संभावनाओं पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

जिला उद्यान अधिकारी अरविन्द शर्मा ने माल्टा उत्पादन, प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन, पोषण महत्व तथा पर्वतीय क्षेत्रों में माल्टा उत्पादन के माध्यम से लैंगिक असमानता में कमी जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। महोत्सव के दौरान आयोजित सिट्रस फलों की प्रदर्शनी में माल्टा, गलगल व नींबू आदि फलों का निरीक्षण भी किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गौचर (चमोली) में आयोजित राज्य स्तरीय किसान दिवस के अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संदेश वर्चुअल माध्यम से सुना।

इस अवसर पर प्रमुख सुमन सजवाण, ज्येष्ठ प्रमुख संजय मैठाणी, बीज बचाओ आंदोलन के संयोजक विजय जड़धारी, चम्बा-मसूरी फल पट्टी के पूर्व अध्यक्ष बिरेन्द्र नेगी, भाजपा मीडिया प्रभारी प्रमोद कान्त उनियाल, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. आलोक येवले, सीवीओ डॉ. डी.के. शर्मा, भूमि संरक्षक अधिकारी शशिकांत सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी व बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।

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