टिहरी जिले के पांच स्थानों पर खुलेंगे जिला सहकारी बैंक: डॉ रावत
एक माह के भीतर जिले को मिलेंगे 30 नए डॉक्टर, सहकारिता मेले में की घोषणाएं

नई टिहरी (मुकेश रतूड़ी ): डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि टिहरी जनपद के कैंपटी, नागेश्वर सौड़, सेमंडीधार, पावकी देवी और धनोल्टी में जल्द ही पांच नए जिला सहकारी बैंक खोले जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक क्षेत्र से दो-दो हजार नए खाताधारकों की सूची मिलने के छह माह के भीतर बैंक संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
बादशाहीथौल में आयोजित सहकारिता मेले के समापन सत्र में मंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद सहकारी संस्थाओं से परिवारवाद और भ्रष्टाचार समाप्त हुआ है। उन्होंने समूह सदस्यों से अपील की कि वे अपने उत्पाद सहकारिता बाजार के माध्यम से बेचें, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिल सके।
मंत्री ने बताया कि अब बागेश्वर, चंपावत और रुद्रप्रयाग में भी जिला सहकारी बैंक स्थापित किए जाएंगे, जबकि पहले ये जिले अन्य जिलों के बैंकों से संबद्ध थे। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों की ऋण सीमा भी बढ़ाई जाएगी और किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर ही सहकारिता को मजबूत किया जा सकता है।
शिक्षा क्षेत्र की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कक्षा आठ के बाद 1400 इंटर कॉलेजों में इस वर्ष प्रोफेशनल कोर्स शुरू किए जाएंगे। यह पहल नरेंद्र मोदी और पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप स्किल डेवलपमेंट आधारित शिक्षा को बढ़ावा देगी। कक्षा दस के बाद 142 विद्यार्थियों का कैंपस चयन भी हो चुका है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि 287 नए डॉक्टरों का चयन हो चुका है, जिनमें से 30 डॉक्टर एक माह के भीतर टिहरी जिले में तैनात कर दिए जाएंगे।
कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी और सहकारी बैंक से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।



