टिहरी में मनाया गया प्रथम देवभूमि समान नागरिक संहिता दिवस
यूसीसी से मजबूत हुई न्याय, समानता और सामाजिक समरसता की नींव : किशोर उपाध्याय

नई टिहरी। जनपद टिहरी गढ़वाल में मंगलवार को प्रथम देवभूमि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। खेल विभाग सभागार, विकास भवन नई टिहरी में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश नितिन शर्मा, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मो. याकूब, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक राम त्रिपाठी, ब्लॉक प्रमुख चंबा सुमन सजवाण, जिलाध्यक्ष भाजपा उदय सिंह रावत, जिलाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी ज्योति प्रसाद भट्ट, पीडी डीआरडीए पी.एस. चौहान, डीपीआरओ एम.एम. खान, पीओ अभियोजन सीमा, एडीपीआरओ राकेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि विधायक किशोर उपाध्याय ने उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू होने के एक वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यूसीसी का मूल उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून, न्याय, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता स्थापित करना है। यह कानून विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा को सशक्त करता है। एक वर्ष के अनुभव से स्पष्ट हुआ है कि यूसीसी ने समाज में न्याय की भावना को मजबूत किया है और कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाया है।
जिला न्यायाधीश नितिन शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि समान नागरिक संहिता कानून निर्माण की प्रक्रिया में उनकी भी सहभागिता रही है। उन्होंने यूसीसी की आवश्यकता और इसके सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कानून समाज में समानता और न्याय की अवधारणा को मजबूती देता है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा ब्लॉक व जिला स्तर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इससे आमजन अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ पा रहे हैं।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में यूसीसी की अवधारणा से लेकर इसके क्रियान्वयन तक की यात्रा ऐतिहासिक रही है। उन्होंने बताया कि यूसीसी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरल, पारदर्शी और डिजिटल समाधान आधारित व्यवस्था विकसित की गई है। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद टिहरी की कुल 1049 ग्राम पंचायतों में से 459 ग्राम पंचायतें यूसीसी के अंतर्गत शत-प्रतिशत संतृप्त हो चुकी हैं। अब तक 34,387 पंजीकरण और 33,376 प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जो इसके सफल क्रियान्वयन का प्रमाण है।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक राम त्रिपाठी ने यूसीसी के विधिक प्रावधानों और नागरिक अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को न्याय तक समान और सुगम पहुंच प्रदान करना है।
कार्यक्रम के दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यूसीसी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही यूसीसी पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह को इसके उद्देश्यों और प्रावधानों की जानकारी सरल भाषा में मिली। श्रीदेव सुमन संस्कृति दल के कलाकारों ने यूसीसी पर आधारित गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया।
समारोह में यूसीसी के सामाजिक और विधिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित नागरिकों ने समानता, न्याय और सामाजिक समरसता आधारित समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में प्रशासनिक, न्यायिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।



