हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी पर डीएम का बड़ा फैसला, तीमारदारों को भी मिलेगा भोजन व ठहरने की सुविधा
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर सख्त निर्देश, एक माह में ब्लॉकवार प्रेजेंटेशन अनिवार्य

टिहरी। टिहरी गढ़वाल में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने महत्वपूर्ण पहल की है। बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों में मरीजों के साथ-साथ उनके तीमारदारों को भी भोजन व ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी सहित सभी ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के चिकित्साधिकारियों से रेफरल केस, बाल लिंगानुपात (सेक्स रेश्यो) और हाई-रिस्क गर्भावस्था के मामलों की गहन समीक्षा की गई।
डीएम ने चंबा, फाकोट और थौलधार क्षेत्रों में गिरते बाल लिंगानुपात पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को विशेष निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस दिशा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पिछले एक वर्ष के रेफरल मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मरीज को रेफर करने से पहले संबंधित अस्पताल से संपर्क कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां उचित उपचार उपलब्ध है या नहीं।
साथ ही प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में यह रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से रखा जाए कि—
किस कारण से मरीज को रेफर किया गया
किस अस्पताल में भेजा गया
वहां मरीज को उपचार मिला या नहीं
डीएम ने निर्देश दिए कि हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों में मरीज को मिलने वाली निशुल्क सुविधाएं अब तीमारदारों को भी दी जाएं। इसके लिए नजदीकी होटल या धर्मशालाओं से समन्वय कर ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि धन की कोई कमी नहीं है, इसलिए व्यवस्था में कोई ढिलाई न हो।
बैठक में सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे एक महीने के भीतर अपने-अपने ब्लॉक की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की कार्ययोजना का प्रेजेंटेशन तैयार कर प्रस्तुत करें।
बैठक में सीएमओ, सीएमएस सहित विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।



