मसूरी में पेयजल संकट पर सख्त हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अधिकारियों को दिए तेज़ी से कार्य पूरे करने के निर्देश
आपदा में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जनता को हर हाल में मिले शुद्ध पेयजल

देहरादून, 12 अप्रैल: मसूरी विधानसभा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार अब पूरी तरह सख्त नजर आ रही है। रविवार को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में जलनिगम और जलसंस्थान के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइनों की मरम्मत कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से जमीनी हकीकत की पूरी जानकारी ली और साफ शब्दों में निर्देश दिए कि सभी कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल से जुड़े हर काम को प्राथमिकता पर पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कैबिनेट मंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि मसूरी क्षेत्र में लंबित पड़ी पेयजल योजनाओं को शासन स्तर से जल्द स्वीकृति दिलाई जाए। साथ ही, स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
उन्होंने दो टूक कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बहाल करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य घनश्याम नेगी, सुंदर सिंह पयाल, ग्राम प्रधान संजय राणा, सचिन कुमार, जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार पाल, जल निगम के ईई सत्येंद्र पुंडीर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।



