बिल्डर की धोखाधड़ी उजागर, जिला प्रशासन ने दर्ज कराया मुकदमा
जीएसटी बकाया पर कुर्क फ्लैट पहले ही बेच चुका था बिल्डर, नीलामी प्रक्रिया के दौरान छिपाई जानकारी

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देश पर जिला प्रशासन ने धोखाधड़ी के गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए बिल्डर और उसके प्रतिनिधियों के खिलाफ राजपुर थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। जांच में सामने आया कि जीएसटी बकाया होने पर जिन फ्लैटों को प्रशासन ने कुर्क कर नीलामी की प्रक्रिया पूरी की, वे संपत्तियां बिल्डर पहले ही वर्ष 2022 में बेच चुका था।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार मैसर्स क्वींसटन रियलिटी प्रोजेक्ट्स एलएलपी, कैनाल रोड पर जीएसटी का बकाया चल रहा था। भुगतान न होने पर तहसीलदार सदर ने 5 जनवरी को कंपनी के दो फ्लैट कुर्क कर दिए और नियमानुसार नीलामी की प्रक्रिया शुरू की। नीलामी के बाद उच्चतम बोलीदाता के पक्ष में कार्रवाई पूरी कर प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया गया।
बाद में दस्तावेजों की जांच में पता चला कि संबंधित फ्लैट संख्या 303 और 403 पहले ही 27 मई 2022 को पूजा संजय मिश्रा के नाम विक्रय किए जा चुके थे तथा वे बैंक में बंधक भी थे। आरोप है कि बिल्डर ने यह तथ्य नीलाम अधिकारी और तहसीलदार से छिपाया, जिससे प्रशासन को गुमराह किया गया।
प्रशासन की तहरीर पर पुलिस ने कर्मवीर सिंह निवासी गुरु महिमा साई बाबा पार्क, वेस्ट मुंबई, आशीष राजेंद्र गर्ग निवासी बांद्रा वेस्ट मुंबई, राजपुरोहित विक्रम सिंह निवासी पटेल सोसायटी गुजरात तथा उनके स्थानीय प्रतिनिधि अजय काठबंगला के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सरकारी प्रक्रिया को गुमराह करने के हर प्रयास पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।



