थत्यूड़ में बाल अधिकार व सुरक्षा पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित
विशेषज्ञों ने कानून, साइबर सुरक्षा, शिक्षा अधिकार और सड़क सुरक्षा पर दी विस्तृत जानकारी

रिपोर्ट–मुकेश रावत
थत्यूड़ (टिहरी)। उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की ओर से गुरुवार को ब्लॉक सभागार थत्यूड़ में बाल अधिकार एवं सुरक्षा विषय पर जन-जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ आयोग के सचिव डॉ. एस.के. बरनवाल ने किया। उन्होंने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आयोग की भूमिका, उद्देश्यों और बच्चों के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यशाला में जेस्ट अभियोजन अधिकारी सीमा रानी ने भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत बच्चों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। वहीं साइबर सेल के रामगोपाल दत्त भट्ट ने साइबर सिक्योरिटी एक्ट 2000 के प्रावधानों और नशा मुक्ति से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रतिभागियों को जागरूक किया। खंड शिक्षा अधिकारी प्रतिनिधि विनोद सेमवाल ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम की उपयोगिता बताई, जबकि एआरटीओ सत्येंद्र राज ने सड़क सुरक्षा नियमों और मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों की जानकारी साझा की।
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव ने बच्चों के अधिकार, विभागीय योजनाओं और बाल श्रम उन्मूलन से संबंधित पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने ऑनलाइन संबोधन के माध्यम से आयोग की गतिविधियों और बाल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आलोक राज त्रिपाठी ने पोक्सो और जेजे अधिनियम के प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया।
कार्यक्रम का संचालन डीपी चमोली, एबीडीओ जौनपुर ने किया। अंत में आयोग के अनुसचिव डॉ. सतीश कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला के समापन की घोषणा की।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी नीरू चावला, तहसीलदार धनोल्टी बिरम सिंह पवार, डॉ. रोशनी सती, खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कार्की, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष ऋषि कुमार, प्रमोद बडोनी, ओंकार मिश्रा सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



