
थत्यूड़। सरस्वती शिशु मंदिर थत्यूड़ में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की स्मृति में अटल स्मृति सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में धनोल्टी विधानसभा के चारों मंडलों से सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी जुटे, जिससे कार्यक्रम में खासा उत्साह देखने को मिला।
अटल जी के विचार आज भी देश को दिशा देते हैं
मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे दर्जाधारी राज्य मंत्री देवेंद्र भसीन और विनोद उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना का ऐतिहासिक श्रेय अटल बिहारी वाजपेई को जाता है। उन्होंने कहा कि अटल जी राजनीति के अजातशत्रु थे—उनकी वाणी और विचारों को विपक्ष भी सम्मान देता था।
वक्ताओं ने कहा कि अटल जी ने केवल उत्तराखंड का निर्माण ही नहीं किया, बल्कि राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देकर विकास की मजबूत नींव रखी। उनका प्रारंभिक जीवन जनसंघ के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण को समर्पित रहा।
धारा 370 पर अटल जी की दूरदर्शिता
सम्मेलन में वक्ताओं ने अटल जी की दूरदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाने की जोरदार वकालत की थी और यह स्पष्ट कहा था कि पूर्ण बहुमत मिलने पर यह निर्णय लिया जाएगा—जो आगे चलकर साकार हुआ।
जनप्रतिनिधियों ने रखे विचार
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह पवार, दर्जाधारी राज्य मंत्री गीता रावत, डीसीबी के पूर्व अध्यक्ष सुभाष रमोला सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और अटल जी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यकर्ताओं की रही व्यापक भागीदारी
कार्यक्रम में रोहित रावत, वीरेंद्र राणा, रेखा डंगवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील थपलियाल, नैनबाग मंडल अध्यक्ष नरेश पवार, सकलाना मंडल अध्यक्ष जय सिंह अजवाण, थौलधार मंडल अध्यक्ष ललित खंडूरी, खेमराज भट्ट, भाजपा मंडल महामंत्री अकबीर पवार, विनीता रावत, कुलबीर रावत, ओम प्रकाश गौड़, जयपाल कैरवाण सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
सम्मेलन का समापन अटल जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके बताए मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ हुआ।



