टिहरी गढ़वाल में ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा, मॉडल गांव विकसित करने की तैयारी
डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स बैठक, होमस्टे और इको-टूरिज्म पर फोकस

टिहरी गढ़वाल। जिले में ग्रामीण पर्यटन को सशक्त और व्यवस्थित रूप से विकसित करने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। इसी क्रम में सोमवार देर सायं कलेक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, इको-टूरिज्म तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को लेकर विस्तार से मंथन किया गया।
ग्राम प्रधानों के साथ समन्वय कर तैयार होंगे पर्यटन प्रस्ताव
जिलाधिकारी ने सभी विकासखंड अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए पर्यटन से जुड़े ठोस और व्यवहारिक प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास में स्थानीय सहभागिता बेहद जरूरी है, जिससे ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
जौनपुर क्षेत्र में विकसित होगा हॉर्टी-विलेज
बैठक में जिला उद्यान अधिकारी अरविंद शर्मा को जौनपुर क्षेत्र में हॉर्टी-विलेज विकसित करने के निर्देश दिए गए। इससे बागवानी आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
विकासखंड स्तर पर गठित हो चुकी हैं VTDC
बैठक में जानकारी दी गई कि विगत माह सभी उपजिलाधिकारियों की अध्यक्षता में विकासखंड स्तर पर ग्राम पर्यटन विकास समिति (VTDC) का गठन किया जा चुका है। इन समितियों का उद्देश्य ग्राम स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है।
तीन गांव बनेंगे एडवेंचर व कम्युनिटी टूरिज्म मॉडल
पर्यटन विभाग की ओर से प्रथम चरण में विकासखंड चम्बा के ग्राम सौड़ (जड़ीपानी के निकट) को एडवेंचर एवं कम्युनिटी बेस्ड टूरिज्म के लिए चयनित किया गया है। वहीं राज्य स्तरीय टास्क फोर्स को भेजे गए प्रस्ताव में विकासखंड जौनपुर के ग्राम सिंदुल तथा विकासखंड जाखणीधार अंतर्गत खेट पर्वत के समीप स्थित ग्राम थात को भी योजना में शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर
चयनित ग्रामों में सोलर स्ट्रीट लाइट, ग्राम पंचायत भवनों में एकरूप पेंटिंग व पारंपरिक ऐपन कला, इंटरलॉक टाइल्स, रेलिंग, शौचालय निर्माण तथा पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने जैसे विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार
बैठक में स्पष्ट किया गया कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में होमस्टे एवं इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना, पार्किंग, इको-पार्क जैसी आधारभूत सुविधाओं का विकास करना और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सहित प्रभारी अधिकारी पुनर्वास स्नेहिल कुंवर, पीडी डीआरडीए पुष्पेंद्र चौहान, डीटीडीओ एस.एस. राणा, एसीएमओ डॉ. बृजेश डोभाल, सेवायोजन अधिकारी लक्ष्मी यादव, ग्रामीण निर्माण अधिकारी विशाल चौहान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



