ग्राम सभा में विकास कार्यों पर मंथन, विभागीय अधिकारियों की गैरहाजिरी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

रिपोर्ट–मुकेश रावत
थत्यूड़। जौनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत तेवा में मंगलवार को आयोजित खुली ग्राम सभा बैठक में ग्रामीणों ने गांव के विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यप्रणाली पर खुलकर चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान मुरारी लाल ने की।
मनरेगा सहित वित्त आयोग योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में ग्राम विकास अधिकारी अवनेंद्र बछेती ने उपस्थित ग्रामीणों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से मिलने वाले लाभों, प्रावधानों और उसके पारदर्शी क्रियान्वयन की जानकारी दी।
ग्राम सभा के सदस्यों ने राज्य वित्त, 15वें वित्त आयोग एवं मनरेगा कार्य योजना वर्ष 2026-27 के प्रस्तावों का चयन सर्वसम्मति से किया। साथ ही समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा कर प्राथमिकता के आधार पर चयन किया गया।
विभागीय अधिकारियों की गैरहाजिरी पर भड़के ग्रामीण
बैठक के दौरान कृषि, पशुपालन, उद्यान एवं समाज कल्याण विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम सभा गांव के विकास का मूल मंच है, और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही ग्राम हितों के साथ खिलवाड़ के समान है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि अगली ग्राम सभा में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित नहीं हुए, तो गांववाले बैठक का बहिष्कार करेंगे।
बैठक में ग्रामीण रहे मौजूद
बैठक में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी मुकुल कुमार, सहकारिता समिति से सचिव रमेश वैध, हरि प्रसाद लेखवार ग्राम रोजगार सेवक, कुलदीप परमार, मुकेश रावत, जगमोहन रावत, चैन सिंह, वीरेंद्र परमार, उपेंद्र रावत, गुडन लाल, दर्शन लाल, कुशाल परमार एवं रणवीर नेगी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



