खेड़ा मल्ला में 13 दिवसीय कृषि उद्यमी प्रशिक्षण से 29 महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की पहल, मशरूम उत्पादन से लेकर उद्यमिता तक की दी जा रही व्यावहारिक ट्रेनिंग

रिपोर्ट- मुकेश रावत
थत्यूड़ (टिहरी)। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को मजबूती देने की दिशा में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान नई टिहरी की ओर से विकासखंड जौनपुर के ग्राम खेड़ा मल्ला, पट्टी पालीगाड़ में 13 दिवसीय कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 29 महिला प्रशिक्षणार्थियों को कृषि आधारित स्वरोजगार के विविध आयामों से जोड़ा जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को मशरूम उत्पादन के साथ-साथ कृषि, बागवानी, पशुपालन एवं उद्यमिता विकास की सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम में मशरूम विशेषज्ञ सूर्य प्रकाश डोभाल (पौड़ी) द्वारा उन्नत उत्पादन तकनीक, लागत-लाभ विश्लेषण एवं विपणन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की जा रही हैं।
वहीं RSETI नई टिहरी से आई प्रशिक्षक राधा ने महिलाओं को उद्यमिता विकास, स्वयं सहायता समूहों के गठन, बैंकिंग प्रक्रियाओं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के बाद महिलाएं स्वयं का उद्यम स्थापित कर आय के स्थायी स्रोत विकसित कर सकती हैं।
आयोजकों के अनुसार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 8 तारीख से प्रारंभ होकर 20 तारीख को संपन्न होगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से टिकाऊ आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे वे स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
महिला प्रशिक्षणार्थियों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से उन्हें घर के समीप ही रोजगार के अवसर मिलेंगे और वे आत्मविश्वास के साथ स्वयं का उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित हुई हैं।



