उत्तराखंड

उच्च शिक्षा विभाग में 268 असिस्टेंट प्रोफेसरों का स्थायीकरण

राज्य सरकार ने दी मंजूरी, मंत्री धन सिंह रावत ने प्रस्ताव किया अनुमोदित

देहरादून, 15 जनवरी। राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत 268 असिस्टेंट प्रोफेसरों के स्थायीकरण को मंजूरी दे दी है। विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभाग द्वारा प्रस्तुत स्थायीकरण प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान कर दिया है। ये सभी असिस्टेंट प्रोफेसर प्रदेश के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में तैनात हैं और अपनी द्विवर्षीय परवीक्षा अवधि संतोषजनक रूप से पूर्ण कर चुके हैं।

2020 से 2022 के बीच हुई थी नियुक्ति

स्थायीकरण का लाभ पाने वाले असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति वर्ष 2020 से 2022 के बीच उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत की गई थी। नियमों के अनुरूप परवीक्षा अवधि पूर्ण होने के बाद इन्हें उत्तराखंड सरकारी सेवकों की स्थायीकरण नियमावली-2002 के तहत स्थायी किया गया है।

13 विषयों के 268 प्राध्यापक होंगे लाभान्वित

स्थायीकरण से लाभान्वित होने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर 13 विभिन्न विषयों से संबंधित हैं। इनमें राजनीति विज्ञान और हिंदी के 71-71, संस्कृत और अर्थशास्त्र के 35-35, शिक्षा शास्त्र के 26, गृह विज्ञान के 13, समाजशास्त्र के 5, इतिहास के 4, भूगोल व भौतिक विज्ञान के 2-2, जबकि रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान और अंग्रेजी के 1-1 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं।

शिक्षा की गुणवत्ता और शोध को मिलेगा बल

राज्य सरकार उच्च शिक्षा में शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार और शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियमित तैनाती, प्रशिक्षण और सेवा सुरक्षा को सरकार शिक्षा व्यवस्था की मजबूती से जोड़कर देख रही है। असिस्टेंट प्रोफेसरों के स्थायीकरण से न केवल उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि महाविद्यालयों में शैक्षणिक निरंतरता और अकादमिक गुणवत्ता भी सुदृढ़ होगी।

नियमों के तहत किया गया स्थायीकरण

उच्चतर शिक्षा (समूह ‘क’) सेवा नियमावली-2003 के तहत ऐसे शिक्षकों का स्थायीकरण किया जाता है, जिनका कार्य एवं आचरण संतोषजनक हो, सत्यनिष्ठा प्रमाणित हो और नियुक्ति प्राधिकारी को यह समाधान हो कि संबंधित शिक्षक को स्थायी किया जाना उपयुक्त है।

बयान

“उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत अपनी परवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले 268 प्राध्यापकों के स्थायीकरण की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह निर्णय उच्च शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ कर्मचारियों के हितों के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।”
डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!