झुग्गी बस्तियों का पुनर्विकास: मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने पुनः सर्वे के दिए निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश की झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास से संबंधित समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य की सभी झुग्गियों का दोबारा सर्वेक्षण कराया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को पुनर्विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
वर्ष 2011-12 के सर्वे को फिर से खंगालने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि वर्ष 2011-12 में किए गए सर्वे में चिन्हित श्रेणी-1 और श्रेणी-2 के पात्र परिवारों को स्थानीय निकायों और जिलाधिकारियों की सहायता से अभियान चलाकर विनियमित किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि झुग्गी पुनर्विकास के लिए गठित जिला स्तरीय समितियों की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि राज्य स्तरीय समीक्षा से पहले ज़मीनी स्तर पर प्रगति सुनिश्चित हो सके।
काठबंगला प्रोजेक्ट के आवासों का आबंटन नवंबर तक
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि काठबंगला प्रोजेक्ट में निर्मित आवासों का आबंटन नवंबर 2025 तक पूरा किया जाए।
उन्होंने सचिव शहरी विकास को परियोजना की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो।
संयुक्त बैठक में तय होंगे भूमि व आबंटन के नियम
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि भूमि चिन्हीकरण, आबंटन के नियम, पात्रता, डीपीआर निर्माण आदि के लिए सचिव शहरी विकास, सचिव लोक निर्माण विभाग, एमडीडीए और नगर निगम की संयुक्त बैठक आयोजित कर ठोस निर्णय लिए जाएं।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, अपर सचिव गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव का जोर — योजनाओं में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि झुग्गी बस्तियों का पुनर्विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



