प्रदेश बजट का 30% महिलाओं के लिए आरक्षित हो: रेखा आर्या
बजट से पहले मुख्य सचिव को पत्र, जेंडर बजटिंग बढ़ाने की पैरवी

देहरादून, 20 जनवरी। प्रदेश की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने आगामी प्रदेश बजट में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत धनराशि आरक्षित किए जाने का सुझाव दिया है। इस संबंध में उन्होंने बजट से पहले मुख्य सचिव को पत्र लिखकर महिला केंद्रित योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान सुनिश्चित करने की मांग की है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड में पिछले करीब दो दशकों से जेंडर बजटिंग की व्यवस्था लागू है, लेकिन प्रारंभिक वर्षों में इसके अंतर्गत सीमित बजट का ही प्रावधान किया जाता रहा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के पिछले पांच वर्षों में जेंडर बजट में लगातार वृद्धि की गई है, जिससे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस प्रयास हुए हैं।
रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं को वास्तविक अर्थों में सशक्त बनाने तथा उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करने के लिए और अधिक संसाधनों की आवश्यकता है। अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि आगामी बजट में महिला केंद्रित योजनाओं के लिए 30 प्रतिशत धनराशि आरक्षित की जाए तथा सभी विभागों में इस नीति का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में जेंडर बजटिंग का हिस्सा पिछले पांच वर्षों (2021-22 से 2025-26) के दौरान कुल बजट का औसतन 14 से 16 प्रतिशत रहा है। वर्ष 2021-22 में यह करीब 12 प्रतिशत था, जो 2022-23 में बढ़कर 13.77 प्रतिशत हो गया। 2023-24 में जेंडर बजट लगभग 14 प्रतिशत रहा, जबकि 2024-25 में इसे बढ़ाकर 16 प्रतिशत किया गया। वर्ष 2025-26 में कुल 1,01,175 करोड़ रुपये के बजट में जेंडर बजट का हिस्सा लगभग 17 प्रतिशत रहा है।
मंत्री ने उम्मीद जताई कि महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए सरकार आगामी बजट में ऐतिहासिक निर्णय लेगी, जिससे प्रदेश की महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्वावलंबन के क्षेत्र में नई मजबूती मिलेगी।



